अंतरिक्ष में जाने वाली पहली अश्वेत महिला कौन थीं ?

‘दीदी, यूंही बैठे बैठे मेरे मन में एक सवाल आया कि क्या कोई अश्वेत महिला भी अंतरिक्ष में गई है।’
‘हां। डा. मे जेमिसन अंतरिक्ष में जाने वाली पहली अश्वेत महिला थीं और वह 12 सितम्बर 1992 को अंतरिक्ष में गई थीं। वह बचपन से ही अंतरिक्ष यात्रा का सपना देखा करती थीं।’
‘उनके बारे में कुछ और बताएं।’
‘अंतरिक्ष में जाने वाली पहली अफ्रीकी अमरीकी डा. मे जेमिसन पीस कोर की एक चिकित्सक थीं और जिस समय वह स्पेस में गईं तो उनकी आयु 35 साल थी।’
‘वह किस मिशन के तहत स्पेस में गई थीं?’
‘मिशन एसटीएस-47 के तहत वह अंतरिक्ष शटल एंडेवर पर सवार होकर आठ दिनों की उड़ान में सात अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थीं।’
‘इस दौरान उन्होंने पृथ्वी के कितने चक्कर लगाये?’
‘127 चक्कर। एक दिलचस्प बात यह है कि एक बार जेमिसन ने कहा था- इस दुनिया में रहने और अपनी पसंद का कोई भी पेशा चुनने का आपको उतना ही अधिकार है जितना किसी और को। आपको किसी की अनुमति का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है।’
‘वैसे वह स्पेस में सिर्फ घूमने गई थीं या उनकी कोई ज़िम्मेदारी भी थी।’
‘वह विज्ञान मिशन विशेषज्ञ थीं। उन्होंने भारहीनता, हड्डियों के क्षय और गतिभंग जैसे फैक्टर्स पर स्वयं और साथी चालक दल के सदस्यों पर प्रयोग किये।’
‘इस सबके लिए उन्होंने कहां ट्रेनिंग ली?’
‘जेमिसन ने 1987 में नासा के अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रवेश लिया था, जहां लगभग 2,000 आवेदकों में से केवल 15 का चयन हुआ था। उन्होंने 1993 में नासा छोड़ दिया व डार्टमाउथ विश्वविद्यालय में पढ़ाने लगीं। उन्होंने उन्नत प्रौद्योगिकी के लिए एक शोध कम्पनी जेमिसन ग्रुप की स्थापना भी की हुई है।’
‘वह और क्या करती हैं?’
‘जेमिसन ने 12 से 16 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिविर ‘द अर्थ वी शेयर’ भी शुरू किया हुआ है। वह एक विख्यात वक्ता हैं और महिलाओं, अल्पसंख्यकों के लिए विज्ञान, टेक्नोलॉजी व गणित में भागीदारी को प्रोत्साहित करती हैं।’
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर 

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