दुनिया की सबसे गहरी नदी कौन-सी है ?
‘दीदी, ‘गंगा में इतना भी पानी कम नहीं हुआ है कि गीदड़ उसे पार कर जाएं’ का अर्थ क्या है?’
‘काम कठिन या असंभव है। इसे अधिकतर उस समय बोला जाता है, जब कोई यह जताए कि हर कोई उसे पराजित नहीं कर सकता है।’
‘ओके। लेकिन इससे यह भी संकेत मिलता है कि गंगा काफी गहरी है।’
‘हां, लेकिन सबसे गहरी नदी नहीं।’
‘तो दुनिया में सबसे गहरी नदी कौन सी है?’
‘कांगो नदी है। इसकी गहराई लगभग 220 मीटर तक है। यह डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑ़फ कांगो और कांगो रिपब्लिक के बीच बहती है। इसकी गहराई 70 मंज़िला इमारत जितनी है।’
‘गहराई के एतबार से दूसरे स्थान पर कौन सी नदी है?’
‘यांग्तज़ी चीन की सबसे बड़ी नदी है और इसकी गहराई 190-200 मीटर के करीब है।’
‘ब्रह्मपुत्र भी तो काफी गहरी है।’
‘हां, गहराई के मामले में इसका स्थान विश्व में तीसरा है। इसकी गहराई लगभग 135-160 मीटर है। यह तिब्बत से शुरू होकर भारत और फिर बांग्लादेश होते हुए बंगाल की खाड़ी तक पहुंचती है।’
‘और अमेज़न जिसमें दुनिया का सबसे अधिक ताज़ा पानी बहता है का स्थान कौन सा है?’
‘चौथा। यह दक्षिण अमरीका के घने वर्षावन से होकर बहती है और 9 देशों में से होते हुए अटलांटिक में गिरती है। इसकी गहराई 124-160 मीटर है। दिलचस्प यह है कि इस नदी पर एक भी पुल नहीं है, हालांकि लम्बाई में यह सिर्फ नील नदी से ही छोटी है।’
‘गहराई के मामले में पांचवें स्थान पर कौन सी नदी है?’
‘जाम्बेजी है 116 मीटर गहरी।’
‘यह कहां है?’
‘यह दक्षिण अफ्रीका के अनेक देशों जैसे ज़ाम्बिया, जिम्बाब्वे आदि में बहती है।’
‘यानी गहराई के लिहाज़ से गंगा, यमुना, नील आदि टॉप पांच नदियों में नहीं हैं।’
‘हां। इनसे गहरी तो मेकोंग (110 मीटर), दक्षिण अमरीका की पाराना (105 मीटर) आदि हैं।’
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर



