कॉफी की खोज कैसे हुई ?

‘दीदी, आज सुबह कॉफी पीते हुए मुझे अचानक ख्याल आया कि कॉफी की खोज कैसे हुई होगी?’’
‘‘जैसा कि बहुत सी अन्य चीजों के बारे में है, कॉफी की खोज भी किस्से कहानियों में गुम है। किसी को नहीं मालूम कि कॉफी के पहले कप का मजा किसने लिया होगा।’’
‘‘लेकिन फिर भी कोई तो कहानी होगी।’’
‘‘कहा जाता है कि लगभग 1000 वर्ष पहले एक एबीसीनियन खास किस्म की महक की ओर आकर्षित हुआ जो जलते हुए जंगली पौधे से आ रही थी। उसने उस पौधे की कुछ बेरी चबाईं, उसे स्वाद पसंद आया और उसने उससे एक पेय तैयार किया, इस तरह कॉफी की खोज हुई। हम जानते हैं कि पूर्वी अफ्रीका में एबीसीनियन ही काफी का आनंद लेने वाले पहले लोग थे।’’
‘‘किस तरह से?’’
‘‘15वीं शताब्दी तक विश्व में केवल पूर्वी अफ्रीका में ही कॉफी के पेड़ उगते थे। वहां से उन्हें अरब ले जाया गया। तब से लगभग 200 वर्ष तक विश्व की कॉफी दक्षिण अरब में यमन से ही आती थी। फिर 17वीं शताब्दी में डच जावा में कॉफी उगाने लगे और उन्होंने कॉफी के पौधे अनेक ट्रॉपिकल देशों में बांटे। अंग्रेज कॉफी को जमैका द्वीप ले गए, जहां से वह केंद्रीय व दक्षिण अमरीका पहुंची। इस तरह कॉफी जल्द ही दोनों यूरोप व अमरीका में मशहूर हो गई।’’
‘‘क्या कॉफी उगाने के लिए खास किस्म का वातावरण चाहिए?’
‘‘कॉफी का पौधा किसी भी ट्रॉपिकल वातावरण में उग सकता है, लेकिन यह ऐसी ऊंची जमीन पर ज्यादा अच्छा उगता है जहां पानी तेजी से निकल जाए। इस किस्म की मिट्टी व वातावरण ब्राजील की पहाड़ियों के नीचे अच्छा पाया जाता है। यही कारण है कि आज विश्व की तीन चौथाई कॉफी ब्राजील में बनती है।’’
‘‘फिर तो वहां कॉफी के बड़े-बड़े बागान होंगे।’’ ‘‘हां कुछ तो बागान मीलों में फैले हैं जिनमें लाखों पेड़ हैं। वैसे काफी बड़ी मात्रा में वेनेजुएला, कोलंबिया, ग्वाटेमाला व मैक्सिको और वेस्टइंडीज के कुछ टापुओं व जावा में भी उगाई जाती है।’’
‘‘शायद यही वजह है कि कॉफी को ‘मोचा’ व ‘जावा’ भी कहते हैं कि वह इन जगहों से आती है।’’
‘‘किसी जमाने में तो यह बात सही थी, लेकिन आज इनका संबंध केवल खास किस्म की कॉफी से है। मसलन, आज इनको ब्राजील में भी उगाया जाता है रियो व सेंटास कॉफी के साथ।’’
‘‘ब्राजील में सेंटास तो शायद विश्व में सबसे बड़ा कॉफी पोर्ट है।’’
‘‘हां, तुम सही कह रहे हो।’’
‘‘वैसे कॉफी है क्या?’’
‘‘कॉफी का बीन वास्तव में उसके फल का बीज है। यह फल चमकदार पत्तियों के साथ ऊंची-ऊंची ठहनियों पर उगता है। बीन या बीज अकेला होता है या उसके दो हिस्से होते हैं, जिसमें चपटी साइडें एक-दूसरे के आमने सामने होती हैं। कॉफी की 25 से अधिक प्रजातियां हैं जो अपने ही ट्रॉपिक्स में उगती रहती हैं। इनमें से केवल दो ही एक खास स्वाद का फल उत्पन्न करती हैं, जिसे रोस्ट करके निकाला जाता है।’’
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर 

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