किसानों की आय का मज़बूत स्रोत है इमली का पेड़

बढ़ती लागत, घटती पैदावार और जल संकट के इस दौर में भारत के किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह ऐसी खेती का चुनाव करें, जो कम खर्च में स्थायी और भरोसेमंद आय दे सके। इस संबंध में सोचते हुए इमली का पेड़ भी एक मजबूत विकल्प बनकर उभरता है। लंबे जीवनकाल, कम देखभाल और सूखा सहन करने की इमली के पेड़ में अद्भुत क्षमता के कारण इसे एक बार लगाने के बाद सालों साल लगातार उत्पादन देता रहता है। इमली का खट्टा मीठा फल न केवल भारतीय रसोई का अभिन्न हिस्सा है बल्कि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में भी इसकी स्थिर मांग बनी रहती है। खास बात यह है कि इसे खेत की मेढ़ों या बंजर भूमि पर भी उगाया जा सकता है, जो अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है। 
यदि किसान इसके विभिन्न प्रसंस्कृत उत्पाद तैयार कर सकते हैं, जैसे इमली का पेस्ट, इमली का पाउडर आदि तो इससे अच्छी खासी कमाई हो सकती है। बस इसके लिए एक साफ-सुथरी पैकेजिंग और उत्पाद की बेहतरीन क्वालिटी होना ज़रूरी है। अगर ऐसा हो जाए तो किसानों की कमाई में अच्छा खासा इजाफा हो सकता है। जहां तक इमली के पेड़ के बारे में विस्तृत जानकारी का सवाल है तो भारत के सबसे उपयोगी और बहुउद्देशीय पेड़ों में से एक इमली के पेड़ का वैज्ञानिक नाम ‘टैमरिंड्स इंडिका’ है। यह मूल रूप से अफ्रीका का पेड़ है, लेकिन प्राचीनकाल से ही भारत में इसकी समृद्ध मौजूदगी रही है। दक्षिण भारत में विशेषकर कनार्टक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में, जबकि मध्य भारत में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में तथा महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के अलावा असम व बंगाल तथा बिहार में भी इमली के पेड़ बड़ी संख्या में पाये जाते हैं। 
यह सिर्फ किसानों की आर्थिक आय का ही मजबूत स्रोत नहीं बन सकता बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण पेड़ है। जहां तक इसकी बोटेनिकल प्रोफाइल की बात है, तो यह फैबेसी कुल यानी दलहनी परिवार का पेड़ और इसकी वंश परंपरा टैमरिंड्स है। जहां तक भारत में पाये जाने वाले इमली के पेड़ों की प्रजाति का सवाल है तो इनकी प्रजाति इंडिका है। इमली का पेड़ 15 से 25 मीटर तक ऊंचा हो सकता है। यह दीर्घजीवी पेड़ है यानी बहुत आसानी से 100 से 200 सालों तक जी सकता है। इसका तना मजबूत, मोटा और खुरदुरा होता है। इसकी कैनोपी यानी इसका छत्र घना और फैलावदार होता है। इसमें छोटी-छोटी कंपाउंड पत्तियां पायी जाती हैं। ये पत्तियां हल्की हरी और मुलायम होती हैं। इमली के पेड़ में छोटे पीले रंग के लाल धारियों के साथ फूल लगते हैं, ये अप्रैल से जून के महीने में लगते हैं और फिर लंबी भूरे रंग की फली जिसके अंदर खट्टा मीठा गूदा होता है, इसके बीज कठोर और चमकीले होते हैं। इमली के पेड़ का मुख्यत: प्रजनन बीज द्वारा होता है। पर आजकल ग्राफ्टिंग के जरिये उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार किए जाते हैं। 
जहां तक इमली के पेड़ के लिए अनुकूल जलवायु का सवाल है तो यह ऊष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में बेहतर प्रगति करता है। 25 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड का तापमान इसके लिए आदर्श होता है और जिन इलाकों में सालाना 500 से लेकर 1500 मिलीमीटर तक वर्षा होती है, वहां इसे आराम से लगाया जा सकता है। यह लगभग हर तरह की मिट्टी में उग सकता है, लेकिन अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी इसके लिए सर्वोत्तम होती है। इमली के पेड़ को सूखा सहन करने तथा कम देखभाल में भी जीवित रहने की अद्भुत क्षमता होती है। किसानों के लिए इमली का पेड़ कम लागत में ज्यादा लाभ का शानदार उदाहरण है। इसके लिए सिंचाई और खाद की भी न्यूनतम ज़रूरत होती है और सूखे क्षेत्रों के लिए भी यह आदर्श पेड़ माना जाता है। जहां तक किसानों के लिए आर्थिक आय में इसके योगदान का सवाल है तो यह एक बहुउद्देशीय उपयोग वाला पेड़ है। इमली के गूदे का भारत में हर जगह विभिन्न तरह के खाये जाने वाले व्यंजनों में उपयोग किया जाता है, विशेषकर सांभर, चटनी, कढ़ी और कई तरह के पेय पदार्थ में इमली का होना ज़रूरी होता है।  इसके औद्योगिक उपयोग भी हैं। फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में इसकी अच्छी खासी मांग है। टार्टिक एसिड, पॉलिश और कई किस्म की दवाईयां इसके इस्तेमाल से बनायी जाती हैं। जहां तक इसके इस्तेमाल संबंधी स्वास्थ्य गुणों का सवाल है, तो यह पाचन में सहायक और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, लेकिन जब इमली के पेड़ से किसानों के लिए आर्थिक आय की बात की जाती है, तो यह घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हमेशा मांग में रहती है। इमली इसलिए भी किसानों के लिए उपयोगी फल है, क्योंकि इसे लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है। यह कई दूसरी फसलों की तरह पकने में हर हालत में बेचने को बाध्य नहीं करती। बाज़ार की मांग के जो प्रोडक्ट्स इमली के द्वारा विशेषकर प्रोसेसिंग के जरिये बनाये जाते हैं, उनमें इडली पाउडर, इडली पेस्ट और रेडी टू कुक प्रोडक्ट शामिल हैं। जानकार इसमें कई तरह के वैल्यू एडिशन करके इसे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।  -इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर 

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