मूसलाधार बारिश से ठाठरी, द्राबशाला में तबाही जैसे हालात; सड़कें अवरुद्ध, कई वाहन फंसे
किश्तवाड़, 2 जून - जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मंगलवार दोपहर बाद जिले के ठाठरी, द्राबशाल्ला शाला, सैलाना, सरोर, सरथल गाहन और आसपास के क्षेत्रों में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। भारी वर्षा के कारण कई स्थानों पर नाले उफान पर आ गए, जिससे सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और गाद जमा हो गई तथा कई मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ठाठरी क्षेत्र में अचानक आए तेज बहाव वाले नालों ने सड़कों पर मलबा ला दिया, जिससे कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। कुछ वाहनों के मलबे में दबने की भी सूचना मिल रही है। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता और आपसी सहयोग से कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
बारिश के समय स्कूलों में छुट्टी हो चुकी थी और घर लौट रहे स्कूली बच्चों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने बच्चों को सुरक्षित निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई स्थानों पर लोगों को नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित जगहों तक पहुंचाया गया।
द्राबशाला, सैलाना, सरूड़ और सरथल गाहन क्षेत्रों में भी हालात कम गंभीर नहीं रहे। मच्छीपाल नामक स्थान के पास भारी मात्रा में पत्थर और मलबा सड़क पर आ जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई वाहन चालकों को रास्ते में ही रुकना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए पहाड़ियों के नीचे शरण ली, हालांकि यह स्थान भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जा रहे थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश का स्वरूप इतना तीव्र था कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो ऊपरी पहाड़ियों में कहीं बादल फट गया हो। सोशल मीडिया पर भी बादल फटने की चर्चाएं सामने आईं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या स्थानीय व्यक्ति द्वारा बादल फटने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार क्षेत्र में अत्यधिक मूसलाधार बारिश हुई, जिसके चलते नालों में अचानक भारी बहाव आया और यह स्थिति उत्पन्न हुई।

