प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पंजाब दौरे के संकेत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पंजाब दौरा सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसे 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक रणनीति का एक बड़ा संकेत भी माना जा रहा है। एक ही दिन में पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के लिए 26,800 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास प्रोजैक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास, जालन्धर में एक बड़ी विशाल जनसभा, अमृत भारत स्टेशन योजना, नई रेल सेवाएं, सड़क परियोजनाएं, पी.जी.आई. का विस्तार, धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल और विरोधी पार्टियों पर सीधे हमले ने यह साफ कर दिया कि भाजपा अब पंजाब में अपने दम पर अपनी राजनीतिक ज़मीन मज़बूत करने के लिए एक लम्बी योजना पर काम कर रही है।
शिरोमणि अकाली दल (ब) के साथ गठबंधन टूटने के बाद भाजपा के लिए यह पहला अवसर है कि वह पंजाब में अपना स्वतंत्र मार्ग बनाने की कोशिश कर रही है। इसीलिए प्रधानमंत्री के दौरे में विकास, धार्मिक आस्था, किसान, दलित, शहरी और युवा वर्ग सभी को एक साथ सम्बोधित करने की रणनीति साफ नज़र आई। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे में कुल 15 मुख्य प्रोजैक्टों का उद्घाटन या शिलान्यास किया। इनमें मालवा के 7, दोआबा में 5 और माझा में 3 बड़े प्रोजैक्ट शामिल हैं। इससे करीब 54 विधानसभा सीटों पर असर पड़ सकता है। मालवा की 23, दोआबा की 20 और माझा की 11 सीटों को ध्यान में रखकर यह पूरी योजना तैयार की गई दिखाई देती है। पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती हमेशा से क्षेत्रीय संतुलन रही है। इस बार पार्टी ने तीनों क्षेत्रों में बराबर मौजूदगी दिखाने की कोशिश की है ताकि यह संदेश जाए कि उसकी राजनीति सिर्फ शहरी केंद्रों तक सीमित नहीं है।
मालवा—सबसे बड़ा राजनीतिक निवेश
मालवा को पंजाब की राजनीति का केन्द्र माना जाता है। 117 विधानसभा सीटों में से 69 इसी क्षेत्र में हैं। इसीलिए भारतीय जनता पार्टी ने सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट भी यहीं दिए हैं। साहनेवाल-लुधियाना बाईपास, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का हिस्सा, आई.टी. सिटी-कुराली हाईवे, ज़ीरकपुर बाईपास और पी.आर.-7 स्पर जैसे सड़क प्रोजेक्ट औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों को नई गति देंगे। दूसरी तरफ मोहाली, आनंदपुर साहिब और श्री मुक्तसर साहिब में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के साथ रेल यात्रा में सुविधाएं बढ़ेंगी।
चंडीगढ़ पी.जी.आई. में नए सैंटरों का उद्घाटन भी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी पहल मानी जा रही है। इससे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के मरीज़ों को फायदा होगा।
दोआबा—दलित और प्रवासी राजनीति का केन्द्र
दोआबा भारतीय जनता पार्टी के लिए राजनीतिक तौर पर सबसे अहम इलाका है। यहां सबसे ज्यादा दलित आबादी है और बड़ी संख्या में एन.आर.आई. परिवार भी यहां रहते हैं। जालन्धर छावनी रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण, दौलतपुर चौक-करतोली रेल लाइन, नई रेल सेवा और नैशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स से जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला ज़िलों को सीधा फायदा होगा। ये प्रोजेक्ट न सिर्फ विकास कर सकते हैं, बल्कि रोज़गार, इंडस्ट्री, व्यापार और धार्मिक पर्यटन को भी नया उत्साह दे सकते हैं।
माझा—सीमावर्ती इलाके के लिए नई कनेक्टिविटी
माझा इलाके में पठानकोट कैंट और बटाला रेलवे स्टेशनों के विकास के साथ-साथ अमृतसर के छेहर्टा से वाराणसी के लिए संत रविदास एक्सप्रेस शुरू करना सबसे बड़ा ऐलान रहा। यह रेल सेवा धार्मिक यात्रा को आसान बनाने के साथ-साथ दोआबा और माझा के रविदास समुदाय को एक मज़बूत संदेश भी देती है। अमृतसर से वाराणसी तक चलने वाली संत रविदास एक्सप्रेस को राजनीतिक क्षेत्रों में काफी अहम माना जा रहा है। पंजाब में रविदासिया समुदाय का असर काफी मज़बूत है, खासकर दोआबा इलाके में। फरवरी 2027 में गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व मनाया जाना है और उसी समय पंजाब विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। ऐसे समय में इस रेल सेवा की शुरुआत सिर्फ एक यातायात का प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि एक सामाजिक और राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
डेरा सचखंड बल्लां से सम्पर्क
प्रधानमंत्री ने अपने दौरे के दौरान डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने डेरा ब्यास से भी सम्पर्क किया था। पंजाब की राजनीति में डेरों का प्रभाव अहम माना जाता है। भाजपा इस सामाजिक असर को अपने पक्ष लाने की कोशिश करती नज़र आ रही है।
हरी पगड़ी के ज़रिए संदेश
जालन्धर रैली में प्रधानमंत्री ने हरी पगड़ी पहनी थी जो काफी राजनीतिक चर्चा का विषय रही। पंजाब में हरे रंग को कृषि और किसानों का प्रतीक माना जाता है। किसान आंदोलन के बाद भाजपा और किसान संगठनों के बीच बनी दूरी को कम करने की कोशिश के तौर पर भी इसे देखा जा रहा है। भाजपा ने इस दौरे में सिख इतिहास, गुरुद्वारों और धार्मिक विरासत से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी। इससे पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वह पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विपक्ष पर तीखा हमला
जालन्धर की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘आप’ सरकार पर नशों, गैंगस्टरों और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर घेरा। उन्होंने कांग्रेस पर भी आंतरिक कलह का आरोप लगाया और शिरोमणि अकाली दल की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए। भाजपा ने खुद को विकास, राष्ट्रवाद और सुशासन के विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश की।
भाजपा का नया पंजाब मॉडल
इस दौरे से यह भी स्पष्ट हो गया कि भाजपा अब पंजाब में सिर्फ हिंदू शहरी वोटरों की पार्टी नहीं रहना चाहती। पार्टी एक ही समय में दलितों, किसानों, सिखों, युवाओं, उद्योगपतियों, मध्यम वर्ग और धार्मिक संस्थाओं से जुड़ने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा 2027 के विधानसभा चुनावों का एक ट्रेलर साबित हुआ है। विकास प्रोजेक्टों के साथ-साथ सामाजिक समीकरण, धार्मिक प्रतीक, क्षेत्रीय संतुलन और तीव्र राजनीतिक हमले इन सभी को इकट्ठे जोड़ कर भाजपा ने यह संकेत दिया है कि वह पंजाब में अब सिर्फ मौजूदगी दर्ज नहीं करवाना चाहती, बल्कि सत्ता की दौड़ में एक मज़बूत दावेदार बनने की तैयारी कर रही है।
-विशेष प्रतिनिधि, अजीत प्रकाशन समूह, चंडीगढ़।
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