भारत का पहला मोटरसाइकिल ब्रांड कौन-सा है ?
‘दीदी, आज तो सड़क पर अनेक प्रकार की मोटरसाइकिल देखने को मिलती हैं, लेकिन मैं सोच रहा था कि अपने देश का पहला मोटरसाइकिल ब्रांड कौन सा था?’
‘रॉयल एनफील्ड भारत का पहला मोटरसाइकिल ब्रांड था, लेकिन इसकी शुरुआत ब्रिटिश कंपनी के तौर पर हुई थी।’
‘कैसे?’
‘चूंकि रॉयल एनफील्ड की स्थापना सन् 1901 में ब्रिटेन में हुई थी।’
‘फिर इस ब्रांड का भारत में आगमन कैसे और कब हुआ?’
‘दरअसल, आज़ादी के बाद भारत को महसूस हुआ कि भारतीय सेना को सीमा पर पेट्रोलिंग करने के लिए एक मज़बूत मोटरसाइकिल की ज़रूरत है। इसलिए 1952 में सरकार ने रॉयल एनफील्ड की बुलेट 350 का चयन करते हुए 800 मोटरसाइकिलों का पहला आर्डर दिया।’
‘फिर क्या हुआ?’
‘जब 1952 में सेना के काफिले में बुलेट के शामिल होने के बाद इस मोटरसाइकिल की मांग भारत में बढ़ने लगी तो बढ़ती मांग की पूर्ति करने के लिए रॉयल एनफील्ड ने 1955 में भारत में मद्रास मोटर्स के साथ करार किया। इसके तहत दोनों ने मिलकर एनफील्ड इंडिया नाम की एक कम्पनी बनायी और हमारे देश में भी मोटरसाइकिल का निर्माण आरंभ हो गया।’
‘इस निर्माण के लिए कारखाना कहां स्थापित किया गया?’
‘तमिलनाडु के तिरुवोटिटयूर में। हालांकि शुरुआत में मोटरसाइकिल के पुज़र्े ब्रिटेन से आते थे और यहां उन्हें असेम्बल किया जाता था, लेकिन 60 के दशक तक बुलेट के सभी हिस्सों का निर्माण पूरी तरह से भारत में होने लगा।’
‘फिर जब नये मोटरसाइकिल ब्रांड आने लगे तो क्या बुलेट की बिक्री पर अंतर पड़ा?’
‘भारत में तो बुलेट की लोकप्रियता बढ़ती रही, लेकिन नये जापानी ब्रांड के आने से ब्रिटेन में रॉयल एनफील्ड दिवालिया हो गई। 1970 में ब्रिटेन में रॉयल एनफील्ड की फैक्ट्री पूरी तरह से बंद हो गई।’
‘क्या सस्ते जापानी ब्रांड से भारत में बुलेट की बिक्री पर असर नहीं पड़ा?’
‘भारत में भी रॉयल एनफील्ड का व्यापार डगमगाने लगा था, लेकिन 1994 आइशर मोटर्स ने इसे खरीदा और इसे अपने पुराने रंग में आने के लिए 6 वर्ष का समय लगा। सन् 2000 के बाद से रॉयल एनफील्ड भी लोकप्रिय ब्रांड में शामिल है।’
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर

