आंखों की खूबसूरती को निखारता है आईशैडो
खूबसूरत और आकर्षक आंखें सभी को अच्छी लगती हैं। वैसे तो शरीर के सभी अंग प्रकृति की देन हैं पर उन्हें संभालकर रखना और उनकी देखभाल करना हमारा काम है।
आईशैडो व आईलाइनर आंखों को सुन्दर बनाने में सहायक हैं। यदि इनका प्रयोग सही ढंग से न किया जाए तो ये आंखों की सुंदरता को बिगाड़ भी सकते हैं और इनका प्रयोग सही ढंग से किया जाए तो ये आंखों को सुन्दर तो बनाते ही हैं, साथ ही आंखों की बनावट में कोई कमी हो तो उसे छिपा भी देते हैं। आइए देखें आईशैडो का प्रयोग सही ढंग से कैसे करें। आईशैडो का प्रयोग करने से पहले ध्यान दें कि आप किस प्रकार के कपड़े पहन रही हैं और अवसर कैसा है, इसे ध्यान में रखते हुए आईशैडो के रंग का चयन करें। बाजार में सामान्यत: आईशैडो तीन प्रकार के उपलब्ध हैं- पाउडर, क्रीम या पैंसिल के रूप में। पाउडर वाले आईशैडो का प्रयोग करना थोड़ा असुविधाजनक है इसलिए पाउडर वाले आईशैडो के कण आंख में गिरकर नुकसान पहुंचा सकते हैं और पैंसिल वाला आईशैडो आंख को लग सकता है। यथा संभव क्रीमयुक्त आईशैडो का प्रयोग करें।
* उभरी हुई आंखों वाली महिला को हल्के रंग के आईशैडो प्रयोग में लाने चाहिएं।
* सामान्य आंखों वाली स्त्री को प्राकृतिक रंग के आईशैडो का प्रयोग करना चाहिए।
* छोटी आंखें हों तो महिलाओं को गहरे रंग के आईशैडो का प्रयोग करना चाहिए।
* धंसी हुई आंखें होने पर थोड़े गहरे रंग के आईशैडो का प्रयोग करें। उसके प्रयोग से आंखें उभरी हुई लगेंगी।
* आईशैडो खरीदते समय ध्यान दें कि वह अच्छी कंपनी का ही हो जिससे उसके प्रयोग से आंखों पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े।
* आंखों की खूबसूरती उभारने के लिए ध्यान दें कि पलकों पर हल्के रंग का आईशैडो लगाएं और पलकों के कोरों पर गहरे रंग का।
किन परिस्थितियों में आईशैडो का प्रयोग न करें-
* घर पर रहते हुए आईशैडो का प्रयोग न करें। बाहर जाते समय ही प्रयोग करें।
* आईशैडो लगाने से यदि आपकी पलकों के बाल झड़ें तो इसका प्रयोग कदापि न करें।
* जब भी आईशैडो लगाएं तो सोने से पूर्व उसे साफ अवश्य कर लें ताकि आपकी आंखें सुरक्षित रह सकें।
* आईशैडो के प्रयोग से आंखों में किसी प्रकार की जलन हो या पानी निकले तो इसका प्रयोग बंद कर देना ही हितकर है। (उर्वशी)

