श्री हेमकुंट साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद


गोपेश्वर, 10 अक्तूबर (भाषा) : उत्तराखंड में चमोली ज़िले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे सिख गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब के कपाट बृहस्पतिवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।  14 हज़ार 202 फुट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंट साहिब के कपाट बंद होने के मौके पर ठंड के बावजूद 3000 से अधिक सिख श्रद्धालु मौजूद थे। तीर्थयात्रियों ने गुरुद्वारे के कपाट बंद होने से पहले वहां मत्था टेका। कपाट बंद होने की प्रक्रिया सुबह से ही शुरू हो गई थी। प्रात: 10 बजे सुखमणी पाठ, पूर्वाह्न 11 बजे सबद कीर्तन और दोपहर साढ़े 12 बजे अंतिम अरदास के बाद विधि विधान के साथ गुरु ग्रंथ साहिब को पांच प्यारों की अगुवाई में सतखंड में विराजमान कर दिया गया। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे श्रद्धालुओं के लिए कपाट बंद कर दिए गए। इस साल श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा पर लगभग अढ़ाई लाख तीर्थयात्री दर्शनों के लिए पहुंचे। अब अगले साल मई में गुरूद्वारे के कपाट फिर खोले जाएंगे। गुरुद्वारे के पास स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी आज शीतकाल के लिये बंद कर दिए गए। पूरे क्षेत्र के भारी बर्फवारी और भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण सर्दियों में हर साल श्री हेमकुंट साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं जो अगले साल मई में दोबारा खुलते हैं।