हिमाचल में भारी बारिश से तबाही, 900 से ज्यादा सड़कें बंद, दो दिन का ओरेंज अलर्ट

शिमला, 29 अगस्त - हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी वर्षा ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के कई जिलों में सड़क, बिजली, पेयजल और संचार आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। जगह-जगह भूस्खलन से नुकसान हो रहा है और 900 से अधिक सड़कें बंद पड़ी हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा का ओरेंज अलर्ट जारी किया है।

सड़कें, ट्रांसफार्मर और पेयजल योजनाएं ठप… राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार शाम तक दो नेशनल हाइवे और 914 सड़कें बंद रहीं। साथ ही 925 बिजली ट्रांसफार्मर और 266 पेयजल योजनाएं ठप हो गईं। सबसे ज्यादा नुकसान चंबा ज़िले में हुआ है जहां 265 सड़कें अवरुद्ध और 395 ट्रांसफार्मर खराब हो गए। मंडी में 222, कुल्लू में 160, सिरमौर में 96 और कांगड़ा में 60 सड़कें बंद हैं। कुल्लू ज़िले में 237, मंडी में 203 और लाहौल-स्पीति में 42 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। पेयजल योजनाओं में चंबा की 121, मंडी की 72 और शिमला व कुल्लू की 35-35 स्कीमें प्रभावित हुई हैं।

भारी बारिश का सिलसिला जारी… बीते 24 घंटों में सिरमौर जिले के जतौन बैरेज में सर्वाधिक 140 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पालमपुर में 91, भरवाई में 80, संधोल में 77, पांवटा साहिब में 75, कसौली में 62, नाहन में 60, सोलन में 57, गोहर में 55 और बिलासपुर में 50 मिलीमीटर बारिश हुई। राजधानी शिमला में भी शुक्रवार को भारी वर्षा हुई।

अलर्ट और मौसम पूर्वानुमान…. मौसम विभाग ने 30 और 31 अगस्त को भारी से बहुत भारी वर्षा का ओरेंज अलर्ट जारी किया है। 1 और 2 सितंबर को येलो अलर्ट रहेगा, जबकि 3 और 4 सितंबर को भी मौसम खराब रहने की संभावना है। जिलावार पूर्वानुमान में 30 अगस्त को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 31 अगस्त को उना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी वर्षा का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मानसून में भारी नुकसान और मौतें…. इस मानसून सीजन में अब तक हिमाचल प्रदेश में 317 लोगों की मौत हो चुकी है। 40 लोग लापता और 374 घायल हुए हैं। मंडी ज़िले में 51, कांगड़ा में 49, चंबा में 36, शिमला और किन्नौर में 28-28, कुल्लू में 26 मौतें दर्ज हुई हैं। प्रदेश में 3,889 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं जिनमें 795 पूरी तरह ध्वस्त हो गए। 466 दुकानें और 3,486 पशुशालाएं नष्ट हुईं। 1,865 पालतू पशु और 25,755 पोल्ट्री पक्षियों की मौत हुई है। अब तक प्रदेश को 2,774 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं…. इस बरसात में प्रदेश में 90 फ्लैश फ्लड, 87 भूस्खलन और 42 बादल फटने की घटनाएं हो चुकी हैं। लाहौल-स्पीति में 52 फ्लैश फ्लड, कुल्लू में 15, शिमला में 14 और मंडी में 12 भूस्खलन दर्ज हुए हैं। मंडी में अब तक 18 बार बादल फटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

किन्नौर और चंबा में हालात बिगड़े…. जनजातीय ज़िला किन्नौर के पूह उपमंडल के लिप्पा गांव में तड़के बादल फटने से बोगली नाले में बाढ़ आ गई। इसमें दो मजदूर फंस गए जिन्हें स्थानीय लोगों ने बचाकर रिकांगपिओ अस्पताल में भर्ती कराया। घटना में गांव की उपजाऊ भूमि को नुकसान पहुंचा है।

चंबा ज़िले के भरमौर क्षेत्र में सड़कें टूटने से हजारों मणिमहेश यात्री फंसे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यात्रा में फंसे यात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 9816698166, 01899-226950, 226951, 226952 और 226953 जारी किए हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1070 और शिमला आपदा प्रबंधन केंद्र के दूरभाष नंबर 0177-2629688, 2629939, 2629439 और 2628940 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

 

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