आखिर पल-पल क्यों बदलती है ट्रम्प की चाल ?
ईरान को दुनिया के नक्शे से मिटाने की मुनादी करने वाले अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए रोकने का ऐलान किया। अचानक उनके इस फैसले पर दुनिया हैरान है। यह पहली बार नहीं है कि ट्रम्प ने यू-टर्न लिया हो, अपने दूसरे बार के कार्यकाल के शुरुआत से ही अब तक ट्रम्प का यह नया रूप दुनिया को देखने को मिला है। भारत-पाक युद्ध रुकवाने का दावा भी वह अब कई बार कर चुके हैं। आखिर इस बार ट्रम्प के ईरान पर पांच दिन के युद्ध विराम का क्या मतलब है, यह समझना होगा कि यह केवल उनका यूं ही दिया गया बयान है या फिर सुनियोजित साज़िश। कहीं ऐसा तो नहीं कि ट्रम्प का साथ जब नाटो देश नहीं दे रहे हैं और वह युद्ध में अलग-थलग पड़ रहे हैं। दूसरे को तो छोड़िये, खुद अमरीका की जनता ईरान पर युद्ध को जायज़ नहीं मान रही है। तो ट्रम्प भी अंदरखाने मान चुके हैं कि इस युद्ध में इज़रायल ने उनको धकेला है तो वह इज़रायल को बीच मैदान में छोड़ना चाहते हैं और इस युद्ध से खुद को अलग करने की कोशिश भर कर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए ईरान पर रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने धमकी दी थी कि अगर अगले 48 घंटे के भीतर ईरान ने होर्मुज से होने वाली आवाजाही में दखल खत्म नहीं की तो विनाशकारी परिणाम होंगे। अब ईरान पर अचानक ट्रम्प का रुख बदल गया है। ट्रम्प ने कहा था कि अगर ईरान ने हार्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल नहीं दिया तो अमरीका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट पर हमले करेगा। अमरीका ऊज़र्ा सेक्टर पर हमला करेगा। ट्रम्प की धमकी से वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतें अचानक बढ़ गई थीं। अब वह अपनी धमकी से ही पीछे हट गए हैं।
गत सोमवार सुबह डोनाल्ड ट्रम्प ने अपना फैसला बदल दिया। उन्होंने कहा कि अब ईरान को पांच दिन का और समय दिया जा रहा है क्योंकि बातचीत में प्रगति हो रही है। ईरान ने साफ कहा कि अमरीका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। ट्रम्प का फैसला बदलने पर अब कई सवाल उठ रहे हैं। ट्रम्प के आलोचक कह रहे हैं कि यह उनकी कोई नई चाल हो सकती है। वह युद्ध में किसी भी नीति का पालन नहीं करते हैं। आलोचकों का कहना है कि ट्रम्प हर बात से पीछे हटते हैं, पलटी मारते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ट्रम्प को डर था कि हमला करने से युद्ध और तेज़ हो सकता है। दुनिया भर की अर्थ-व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
ट्रम्प ने 5 दिन का समय देने का एलान, अमरीकी समय के हिसाब से सोमवार सुबह बाज़ार खुलने से ठीक पहले किया था। अगर उनका ऐलान सामने न आता तो अमरीकी शेयर मार्केट का डूबना तय था। ऐलान के बाद शेयर बाज़ार मज़बूत हो गए और तेल की कीमतें गिर गईं।
डोनाल्ड ट्रम्प अमरीकी अर्थव्यवस्था को गिराने-उठाने वाले माहिर खिलाड़ी हो गए हैं। वह अपने हम रणनीतिक ऐलानों को अक्सर बाज़ार के खुलने या बंद होने के समय पर ही करते हैं। एगग की एक रिपोर्ट बताती है कि अप्रैल 2024 में लिबरेशन डे का ऐलान उन्होंने शेयर मार्केट बंद होने पर किया था। टैरिफ लागू भी शनिवार आधी रात के बाद किए गए जब बाज़ार बंद थे। ट्रम्प ने ऐलान के बाद कहा था ‘शांत रहिए। सब कुछ अच्छा से काम करेगा। यह खरीदने का सही वक्त है।’ उन्होंने चीन पर 130 प्रतिशत टैरिफ का ऐलान शुक्रवार को बाज़ार बंद होने के 20 मिनट बाद किया था।ट्रम्प ने ईरान पर पहले हमलों का ऐलान भी शुक्रवार को बाज़ार बंद होने के बाद किया था।
एक बार फिर से अपने बेबाक अंदाज़ में ट्रम्प ने ईरान के साथ युद्ध विराम का ऐलान किया। ईरान के पावर प्लांट पर हमले की चेतावनी के 48 घंटे पूरे होने वाले थे, तभी ट्रम्प ने युद्ध विराम का ऐलान कर दिया। जब वह यह घोषणआ कर रहे थे, तभी इज़रायल ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सुरक्षा मुख्यालय पर हमला कर रहा था। अब जानने वाली बात यह है कि क्या ट्रम्प के सलाहकारों ने उनको इस युद्ध के फायदे नुकसान गिना दिए थे। क्या इज़रायल की वजह से अमेरिका को काफी नुकसान उठाना पड़ा रहा है या फिर ट्रम्प जिस उद्देश्य से ईरान पर हमले कर रहे थे, वह पूरा हो गया। (युवराज फीचर्स)



