लॉन्ग जम्प में पदक की प्रबल आशा है शाहनवाज़ खान
लांग जम्प के रेखागणित में प्रगति दुर्लभ भी रेखीय होती है। शाहनवाज़ खान के लिए प्रक्षेपवक्र (ट्राजेक्टरी) बहुत तेज़ी से ऊपर की तरफ घूमा है। यह बात सबसे अधिक स्पष्ट लगभग दो सप्ताह पहले अंडर-20 फेडरेशन कप में हुई, जोकि कर्नाटक के तुमकुर में आयोजित हुआ था, जिसमें 18 वर्षीय शाहनवाज़ खान ने 8.23 मी की लम्बी छलांग लगायी और मुरली श्रीशंकर का 8.20 मी का जूनियर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो उन्होंने 2018 में स्थापित किया था। शाहनवाज़ खान ने बताया, ‘तुमकुर में अपनी जम्प से रिकॉर्ड तोड़ने के बाद श्रीशंकर भैय्या ने मुझे मुबारकबाद दी। वह मेरे सीनियर हैं और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं।’
शाहनवाज़ खान की यह उड़ान तुमकुर में आरंभ नहीं हुई थी। दरअसल, उनकी प्रतिभा तो पिछले साल भुवनेश्वर में ही दिखायी दे गई थी, जहां उत्तर प्रदेश के इस धावक ने पहली बार 8 मी से अधिक की छलांग (8.04 मी) लगायी थी, कॉन्टिनेंटल टूर में। तब से प्रतापगढ़ के इस किशोर के लिए भुवनेश्वर का बहुत अधिक महत्व हो गया है। शाहनवाज़ खान बताते हैं, ‘भुवनेश्वर मेरा लकी वेन्यू है, जहां मैंने अपने दो सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर हासिल किये। वहां मैंने पहली बार 8 मी को पार किया। अब मैं भुवनेश्वर लौटकर इंटर स्टेट प्रतियोगिता में तुमकुर के मार्क को तोड़ना चाहता हूं।’
गौरतलब है कि इंटर स्टेट प्रतियोगिता जून 2026 में आयोजित होगी और वह एशियन गेम्स के लिए अंतिम सिलेक्शन ट्रायल्स के रूप में होगी। एशियन गेम्स इस साल सितम्बर में जापान में आयोजित होंगे। शाहनवाज़ खान का कहना है, ‘मेरा इस समय एकमात्र लक्ष्य एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करना है ताकि अपने देश के लिए पदक ला सकूं।’ इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि विश्वास से भरे प्रतिभाशाली शाहनवाज़ खान भारत की नई व प्रबल उम्मीद हैं एशियन गेम्स में पदक लाने के लिए। लेकिन उनके कोच भूपिंदर सिंह तो उनके लिए 2028 लास एंजेल्स ओलंपिक तक का कार्यक्रम बनाये हुए हैं और उनको आशा है कि लड़के में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता के झंडे गाड़ने की क्षमता है। सिंह का कहना है कि उनका शिष्य अब निरंतरता के साथ 8.20 मी रेंज में ऑपरेट कर सकता है और अगला फ्रंटियर 8.50 मी है। सिंह के अनुसार, शाहनवाज़ खान के लिए यह भी मुश्किल नहीं है क्योंकि उसमें कुछ कर दिखाने का जुनून है, जो बड़े मंचों पर अधिक तीव्रता के साथ प्रकट हो जाता है।
इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि शाहनवाज़ खान की असाधारण प्रगति में कोच भूपिंदर सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, जो साइंटिफिक टेम्पर व संयम का मिश्रण करते हैं और धावक को किसी एक टेम्पलेट में रखने से इंकार करते हैं। शाहनवाज़ खान के रिकॉर्ड तोड़ने के संबंध में सिंह कहते हैं, ‘रिकार्ड्स तो होते ही हैं तोड़ने के लिए। किस्मत, ईश्वर की कृपा की भी अपनी भूमिका होती है, लेकिन इससे भी बढ़कर यह है कि शाहनवाज़ में ज़बरदस्त आत्मविश्वास है। दोनों की पार्टनरशिप 2024 में आरंभ हुई थी, जब एक नौसिखिया व उत्सुक किशोर के रूप में शाहनवाज़ खान, भूपिंदर सिंह के पास आये थे। तब से परिवर्तन दोनों फिजिकल व मनोवैज्ञानिक हुआ है। सिंह के मुताबिक, ‘अब उसके कद में इज़ाफा हुआ है और वह अपने शरीर को लेकर अधिक जागृत है। सबसे बड़ा बदलाव उसकी मन:स्थिति में आया है।’ जहां तक पुरुष लांग जम्पर की बात है तो श्रीशंकर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड 8.36 मी है, लेकिन 2022 राष्टकुल खेलों में वह वह अपने छह प्रयासों में 8.08 मी की ही छलांग लगा सके थे और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। पुरुषों में एशियन लांग जम्प रिकॉर्ड 8.48 मी का है, जो जुलाई 2006 में सऊदी अरब के मुहम्मद अल-खुवालिदी ने स्थापित किया था, जबकि एशियन गेम्स रिकॉर्ड चीन के विअंग जिअनन का है 8.24 मी (2018)। ओलंपिक लांग जम्प रिकॉर्ड 8.90 मी का है जिसे अमरीका के बॉब बीमोन ने 1968 में स्थापित किया था। इसका अर्थ यह है कि शाहनवाज़ खान के लिए एशियन गेम्स में तो पदक की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन ओलंपिक के स्तर तक पहुंचने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी होगी। वैसे उनके पास बेहतर होने के लिए पर्याप्त समय है।
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर




