चुनाव का संदेश

26 मई को हुए स्थानीय निकाय चुनाव, जिनमें 8 नगर निगम, 75 नगर कौंसिल और 19 नगर पंचायतें शामिल थीं, के परिणाम को पंजाब में बड़ी दिलचस्पी और उत्सुकता के साथ देखा गया है। निकाय चुनाव में स्थानीय मामलों की बात चलती है, इसलिए आम लोगों में इनके परिणाम को लेकर अधिक दिलचस्पी होती है। चाहे आम तौर पर यह प्रभाव बना रहा है कि निकाय चुनाव में कई पक्षों से प्रशासन चला रही पार्टी का पलड़ा भारी रहता है। ऐसा अक्सर देखने में भी आया है। पंजाब में पिछले निकाय चुनाव वर्ष 2022 में हुए थे, उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और उस समय उसने उपरोक्त 8 नगर निगमों में जीत प्राप्त की थी, जिनमें पठानकोट, बटाला, बठिंडा, होशियारपुर, मोगा, कपूरथला, अबोहर और मोहाली आदि शामिल थे।
इस बार हुए इन चुनाव में एक विशेष दिलचस्प बात यह थी कि आगामी वर्ष के शुरू में विधानसभा चुनाव होंगे, जिस कारण इन चुनाव के परिणाम लोगों की नब्ज़ टटोलने में भी सहायक होंगे। चाहे निकाय और प्रदेश चुनाव के प्रभाव अलग-अलग ज़रूर होते हैं, चाहे इन चुनाव के दौरान विपक्षी पार्टियों द्वारा सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने के आरोप ज़रूर लगाए जाते रहे हैं, परन्तु राज्य के चुनाव आयोग ने बार-बार इस बात को दोहराया था कि यह चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से सम्पन्न होंगे। चुनाव की प्रतिशतता तो लगभग 64 प्रतिशत रही, परन्तु सभी पार्टियों द्वारा इस बात पर पैनी नज़र रखी जा रही थी कि बैलेट पेपर द्वारा इन चुनाव में कोई धांधली न हो। चाहे चुनाव से पहले ही समूचे कुल 1977 वार्डों में से 80 वार्डों के उम्मीदवार निर्विरोध ही चुने गए थे परन्तु प्रशासन की ओर से भी बार-बार यह दावे किए जा रहे थे कि यह चुनाव हर हाल में पारदर्शी होंगे और इस प्रक्रिया के लिए प्रत्येक तरह के कड़े प्रबन्ध किए जाएंगे। चुनाव परिणाम वाले दिन भी चुनाव आयोग द्वारा कड़े प्रबन्ध किए गए थे और बहुत से स्थानों पर अर्द्ध-सैनिक बलों को भी तैनात किया गया था। सुरक्षा के साथ-साथ ज़िलों में पैनी नज़र रखने के लिए ऑब्जर्वर और माइक्रो-ऑब्जर्वर भी लगाए थे। मतगणना में कोई लापरवाही या बाहरी दबाव न हो, इसलिए चुनाव केन्द्रों में बाहरी लोगों का दाखिला बंद कर दिया गया था। सभी केन्द्रों पर काऊंटिंग सुपरवाइज़र और उनके सहायक अधिकारी तैनात किए गए थे। उम्मीदवार का एक प्रतिनिधि चुनाव मेज़ पर आधिकारिक रूप से नज़र रख रहा था। इन चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को बड़ी जीत प्राप्त हुई है और बड़े अंतर से दूसरे स्थान पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। 
आम आदमी पार्टी में इन परिणामों के बाद भारी उत्साह पैदा होना स्वाभाविक है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने इन चुनाव में जीत दिलवाने के लिए मतदाताओं का धन्यवाद किया है। इस जीत से आम आदमी पार्टी की ज़िम्मेदारी और लोगों के प्रति उसकी जवाबदेही और भी बढ़ गई है। प्रदेश के विधानसभा चुनावों में कुछ महीने का समय ही शेष है। इस दौरान प्रदेश की सभी मुख्य पार्टियों को अपनी कारगुज़ारी को बेहतर करने के लिए पुन: अपनी नीतियों का विश्लेषण करने का अवसर मिलेगा। लोकतंत्र में जन-विश्वास को जीतना ज़रूरी होता। यह विश्वास किसी भी सम्भावित सरकार की शक्ति बनता है। ऐसी शक्ति जो प्रदेश को विकास के मार्ग पर लाने में सहायक हो सकती है। हम आम आदमी पार्टी और इसके नेताओं को इस बड़ी जीत के लिए बधाई और शुभकामनाएं  देते हैं।

—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

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