खाड़ी में भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों को अमेरिकी सेना ने बनाया निशाना, भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
नई दिल्ली, 11 जून - भारत ने गुरुवार को कहा कि पिछले चार दिनों में ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन व्यापारिक जहाज अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की चपेट में आए। इन घटनाओं में तीन भारतीय नाविकों की भी मौत हुई है। भारत ने इस मामले को अमेरिका के समक्ष मजबूती से उठाया है। यह पहला अवसर है जब भारत ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारतीय नाविकों वाले जहाज अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई का निशाना बने हैं।
आठ जून को पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर मैरिवेक्स पर अमेरिकी बलों की कार्रवाई हुई थी। जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। इस घटना के बाद जहाज निष्क्रिय हो गया था, हालांकि सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके बाद 10 जून को पलाऊ ध्वज वाले एक अन्य टैंकर सेटेबेलो पर हमला हुआ। जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतर-मंत्रालयी मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत अपने समुद्री समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को अत्यंत महत्व देता है। उन्होंने कहा कि सेटेबेलो पर हमले के बाद भारत ने अमेरिकी पक्ष के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि भारत में अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय तलब किया गया और उन्हें भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया गया। साथ ही औपचारिक विरोध-पत्र भी सौंपा गया।

