सांप जीभ क्यों लपलपाते हैं ?
क्या आप जानते हैं कि सांप जीभ क्यों लपलपाते हैं? क्या आपने सांप के जीभ लपलपाने के बारे में कभी सोचा है? शायद नहीं।
आपके मन में सदा से यह कौतुहल रहा होगा कि सांप जीभ क्यों लपलपाते हैं। इसके पीछे कारण जानने की भी जिज्ञासा रही होगी कि आखिर क्या कारण है कि सांप जीभ लपलपाता है।
तो आइये जानते हैं सांपों की जीभ के बारे में।
आपने सांप को जीभ लपलपाते हुए देखा होगा। सांपों की भी जीभ होती है मगर उनकी जीभ विचित्रा सी होती है। उनकी एक जीभ होती है। अगले सिरे पर आकर एक ही जीभ अलग-अलग दो भागों में विभक्त होती है इसलिए उनके द्वारा लपलपाने पर दो जीभ नज़र आती हैं।सांप के मुंह फैलाने पर इसकी जीभ नज़र नहीं आती। सांप के जीभ लपलपाने के पीछे भी कारण हैं। किसी वस्तु की आहट होने पर या किसी प्रकार की हल्की हरकतें होने पर ही सांप जीभ लपलपाता है। सांप जब भयभीत होता है, प्रसन्न होता है या किसी प्रकार की प्रक्रिया होने पर उनकी धड़कन नहीं धड़कती बल्कि खुशी या भय के भावों को जीभ लपलपा कर प्रकट करता है। शांत हो कर बैठे रहने पर सांप जीभ नहीं लपलपाता।
वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि सांप जीभ से ही सूंघने का काम करता है। उनके जीभ लपलपाने से उसके आहार की गंध आती है। जीभ लपलपा कर वह यह पता लगा लेता है कि उसका आहार कहां और किस दिशा में है तथा वह चूहा है या मेंढ़क अथवा कोई अन्य जीव। (उर्वशी)

