मेहनत, जज़्बे और इन्सानियत की मिसाल क्रिस्टियानो रोनाल्डो

(क्रम जोड़ने के लिए पिछला रविवारीय अंक देखें)

ऐसे अनेक उतार-चढ़ाव के बावजूद रोनाल्डो ने स्पोर्टिंग लिस्बन के इतिहास में ऐसे कारनामे किए कि वह सी.पी. का इकलौता ऐसा खिलाड़ी बना जो एक ही सीज़न में पांच अलग-अलग स्तर पर खेल रहा था। एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में रोनाल्डो ने 7 अक्तूबर, 2002 को 17 साल की आयु में खेले पहले मैच में ही दो गोल कर दिए। 6 अगस्त, 2003 को खेला गया एक दोस्ताना फुटबाल टूर्नामैंट जिसने फिल्मी ढंग से रोनाल्डो की दुनिया ही बदल दी। यह दोस्ताना मैच रोनाल्डो के ‘स्पोर्टिंग लिस्बन क्लब’ और दुनिया के सबसे मशहूर क्लब ‘मैनचैस्टर यूनाइटेड’ के मध्य खेला गया। यहां खेलते हुए अठारह वर्षीय दुबले पतले से रोनाल्डो ने फुटबाल को ऐसे घुमाया कि मैनचैस्टर यूनाइटेड के अनुभवी जॉन ओशे जैसे डिफैंडर मैच के मध्यांतर में ही बुरी तरह चकरा गये। मैच खत्म होते ही मैनचैस्टर यूनाइटेड क्लब के मैनेजर सर एलेक्स फर्ग्यूसन पर रोनाल्डो का ऐसा जादू छाया कि उसने पक्का इरादा कर लिया कि वह विरोधी क्लब स्पोर्टिंग लिस्बन के इस दुबले से खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो को अपने साथ लिए बिना अपने वतन नहीं लौटेगा। ऊधर ड्रैसिंग रूम में भी मैनचैस्टर यूनाइटेड क्लब के दिग्गज़ खिलाड़ी रियो फर्नांड और रॉय कीन जैसों ने भी यही सलाह दी कि हमारे क्लब को यही खिलाड़ी हर कीमत पर साइन करना चाहिए। इसी प्रकार ‘मैनचैस्टर यूनाइटेड’ क्लब के प्रमुख पदाधिकारी 12 अगस्त, 2003 को क्रिस्टियानो रोनाल्डो को अपना बनाकर ही अपने देश वापस गए।
फुटबाल के क्षेत्र में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की प्राथमिक उपलब्धियों ने सिद्ध कर दिया कि रोनाल्डो फुटबाल की दुनिया में क्रांति लाने के लिए आया है। बचपन में कभी अपने शहर के मैकडोनाल्ड से मांग कर खाने वाले रोनाल्डो की टांगों को आज इतनी रफ्तार, ड्रिब्लिंग और गोल करने की शक्ति के कारण फुटबाल की दुनिया में सबसे महंगी सम्पत्ति माना गया है। वर्ष 2009 में जब रोनाल्डो ने मैनचैस्टर यूनाइटेड क्लब को बॉय-बॉय कह कर रियल मैड्रिड क्लब ज्वाइन किया को क्लब ने सबसे पहले रोनाल्डो की टांगों की इंश्योरैंस करवाई जो कि इंश्योरैंस कम्पनी द्वारा 100 मिलियन यूरो (लगभग 900 करोड़ रुपये) में की गई है। इसके तहत यदि फुटबाल खेलते समय रोनाल्डो की टांगों का कोई नुकसान होता है तो इंश्योरैंस कम्पनी इस क्लब को 100 मिलियन यूरो की भरपाई करेगी। विश्वभर के खिलाड़ियों में से लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो की इंश्योरैंस ही सबसे महंगी इंश्योरैंस  है।
चाहे कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो से जलने वाले लोग उसकी पहचान को एक अहंकारी व्यक्ति के रूप में उभारने पर लगे हुए हैं, परन्तु सच यह है कि रोनाल्डो स्वभाव में बहुत अलग तरह के इन्सान हैं, वह एक नज़र में मज़बूत और प्रतियोगी इन्सान दिखाई देता है और दूसरी नज़र में वह एक अत्यंत संवेदनशील व्यक्ति नज़र आता है। अपने बचपन में रोंदू बच्चे के रूप में जाना जाता क्रिस्टियानो रोनाल्डो आज खुल कर ऐलान करता है कि वह सबसे अच्छा बनने के लिए पैदा हुआ है और सफलतापूर्वक अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विजयी मानसिकता से आगे बढ़ रहा है। फुटबाल के इतिहास में क्रिस्टियानो रोनाल्डो का स्वभाव खिलाड़ियों में सबसे अलग है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो फुटबाल का एक ऐसा प्रेरणादायक खिलाड़ी है, जो आज 40 वर्ष की आयु में भी फुटबाल की दुनिया में उच्च स्तर पर खेल रहा है।
वैनिटी (सर्वोत्तम बनने का जज़्बा) और सैल्फ मार्किटिंग क्रिस्टियानो रोनाल्डो का पसंदीदा विषय है। रोनाल्डो की जीवनशैली पर दृष्टिपात करें तो वह अनुशासन और लग्ज़री का सम्पूर्ण मिश्रण है। आज भी वह अरबपति होने के बावजूद आराम-पसंद व्यक्ति नहीं बना। अपनी फिटनेस के लिए रोज़ाना समय निकालते हुए वह हमेशा खेत-मज़दूर की तरह मेहनत करते हैं और पसीना बहाते हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने सप्ताह में पांच दिन जिम जाते हैं जहां वह पिलाटेस, स्विमिंग, 25-30 मिनट के लिए कॉडियो, हाई-इंटैसिटी स्प्रिंटस और स्ट्रैंथ एक्सरसाइज करनी शामिल होती है। वह आधी रात को उठकर भी ट्रेनिंग करने से हिचकिचाते नहीं हैं। रोनाल्डो को ठंडे और बर्फीले पानी में नहाना पसंद है, जिससे उसकी मांसपेशियां स्वस्थ रहती हैं।
फुटबाल की दुनिया की यह मधुमक्खी (क्रिस्टियानो रोनाल्डो)अकेले फुटबाल के कारण ही दुनियाभर में नहीं जाने जाते बल्कि एथलीट्स गॉन गुड नामक संस्था अनुसार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ज़रूरतमंदों की मदद करने में भी दुनियाभर के खिलाड़ियों में सबसे आगे हैं। कामयाबी की इस मंज़िल पर पहुंचने पर सबसे पहले क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने हेडना नामक महिला को याद किया, जो बचपन में उसको मैकडोनाल्ड से बचे हुए बर्गर दिया करती थी। हेडना का धन्यवाद करते हुए रोनाल्डो ने सुंदर से सुंदर होटल खरीद कर दान के रूप में उसको दे दिये। ज़रूरतमंदों को दान करने के मामले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ऐसे खिलाड़ी हैं जो सेरेना विलियम्स और जौहन सीना जैसे सुपर स्टारों को बहुत पीछे छोड़ गए हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो अब तक 10 मिलियन यूरो (एक अरब से ज्यादा रुपये) ज़रूरतमंदों को दान के रूप में बांट चुके हैं। दान करने के मामले में रोनाल्डो बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा राहत और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्र शामिल हैं। वह अक्सर कहते हैं कि समय के साथ ट्राफियों की चमक धुंधली पड़ जाती है, परन्तु दानशालता हमेशा चमकती-दमकती रहती है। दान करते हुए रोनाल्डो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संस्थाओं के साथ जुड़े हुए हैं। बच्चों के अधिकारों के लिए वह एन.आई.सी.ई.एफ. का विश्व स्तरीय एम्बैसडर होते हुए वह अक्सर आपदा के समय या शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दान करते रहते हैं। 2011 में अपने यूरोपियन गोल्डन शूज की नीलामी करने के उपरांत प्राप्त किए 1.5 मिलियन यूरो (16 करोड़ रुपये से अधिक) गाज़ा के बच्चों के लिए स्कूल बनाने के लिए दान कर दिए। इसी प्रकार ‘सेव द चिल्ड्रन’ के वह 2013 से ग्लोबल एंबैसडर है और बच्चों में भुखमरी और मोटापे के विरुद्ध मुहिम में शामिल रहते हैं और एमरजैंसी हालात के लिए आर्थिक सहयोग देते रहते हैं। मेक-ए-विश फाऊंडेशन के नाम अनुसार बच्चों की इच्छा पूरी करते हुए रोनाल्डो बच्चे जो मांगते हैं, वह एक जादूगर की तरह तुरंत हाज़िर कर देते हैं। बैलन डी और ट्राफी जो रोनाल्डो ने 2013 में जीती थी 2017 में जब इस ट्राफी की नीलामी हुई तो इससे उनको 6,00,000 पौंड (तकरीबन 7 करोड़ रुपये) प्राप्त हुए जो रोनाल्डो ने मेक-ए-विश फाऊंडेशन को बच्चों के इलाज के लिए दान कर दिए। इसी तरह वर्ल्ड विज़न नामक संस्था क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बड़े सहयोग से विश्व स्तर पर बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए सहायता प्रदान करती है। उपरोक्त के अलावा क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने च्११ द्घशह्म् ॥द्गड्डद्यह्लद्धज् के ग्लोबल एंबैसडर के तौर पर भूमिका निभाई है। च्११ द्घशह्म् ॥द्गड्डद्यह्लद्धज् प्रोग्राम फीफा के मैडीकल अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया है जिसमें फुटबाल के 11 हुनरों (ड्रिब्लिंग, पासिंग आदि) को 11 स्वास्थ्य संदेशों के साथ जोड़ा गया जो बच्चों को एच.आई.वी., मलेरिया, शुगर, मोटापा और नशे जैसे प्रभावों के बारे में शिक्षित करते हैं। च्११ द्घशह्म् ॥द्गड्डद्यह्लद्धज् में रोनाल्डो सहित दुनिया के 11 दिग्गज़ खिलाड़ी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। 

(शेष अगले रविवारीय अंक में)

#मेहनत
# जज़्बे और इन्सानियत की मिसाल क्रिस्टियानो रोनाल्डो