नदी के ऊपर बना है कौन-सा रेलवे स्टेशन ?
‘दीदी, जब रेल नदी के ऊपर से गुज़रती है तो कुदरत का नज़ारा देखने में बहुत मज़ा आता है।’
‘हां, प्राकृतिक सौंदर्य की तो बात ही कुछ और है।’
‘मैं यह सोच रहा था कि जब नदियों पर रेल के गुज़रने के लिए पुल बनाये जा सकते हैं तो क्या किसी नदी के ऊपर रेलवे स्टेशन नहीं बनाया जा सकता।’
‘अरे, बना हुआ है न और वह भी अपने ही देश में।’
‘अच्छा! कहां पर?’
‘दिल्ली-कोलकाता-गुवाहाटी रूट पर न्यू बोंगाईगांव जंक्शन (एनबीक्यू) आता है। यह देश का एकमात्र ऐसा रेलवे स्टेशन है जो नदी के ऊपर बना हुआ है यानी प्लेटफार्म-पटरियां नदी के ऊपर बने हुए हैं। स्टेशन के नीचे से नदी बहती है और ऊपर रेलवे स्टेशन बना हुआ है।’
‘यह स्टेशन किस नदी के ऊपर बना हुआ है?’
‘यह स्टेशन तुनिया नदी के ऊपर बना हुआ है। तुनिया नदी चम्पामती नदी की सहायक नदी है।’
‘यह नदी कहां से निकलती है?’
‘तुनिया नदी असम के चिरांग ज़िले में बीआरपीएल परिसर के पीछे स्थित भेर-भेरबील नामक स्थान से निकलती है। हालांकि नदी अब प्रदूषण की चपेट में है, लेकिन न्यू बोंगाईगांव स्टेशन इसलिए खास बन जाता है; क्योंकि पूरा जंक्शन नदी के ऊपर बना हुआ है।’
‘इस स्टेशन पर कितनी ट्रेन रूकती होंगी?’
‘हर बड़ी ट्रेन का स्टॉपेज है। लगभग 155 ट्रेनों का यहां स्टॉप है।’
‘फिर तो यात्रियों को इस स्टेशन पर बहुत मज़ा आता होगा?’
‘हां। यात्री स्टेशन पर उतरकर नदी-प्लेटफार्म के व्यू को कैमरा में कैद करने के लिए उतावले रहते हैं। कुछ तो वीडियो व रील्स भी बनाते हैं। सही मायने में देखा जाये तो नदी बीच में है और इसके ऊपर प्लेटफार्म बने हुए हैं।’
‘यह स्टेशन कब बनाया गया था?’
‘1965 में। यह स्टेशन नार्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे ज़ोन के तहत आता है। इसका डिवीज़न रंगिया है। न्यू बोंगाईगांव स्टेशन से ही रंगिया और कामाख्या जंक्शन के लिए रूट जाता है।’
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर



