सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सीपीसीबी दिवाली से पहले पटाखों के शोर की सीमा और ढील पर विचार करे
नई दिल्ली, 20 अगस्त - सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से आगामी दिवाली पर्व के सीजन को देखते हुए पटाखों के शोर की तय सीमा (ध्वनि सीमा) और कुछ श्रेणियों के पटाखों पर आंशिक ढील दिए जाने की संभावना पर विचार करने को कहा है। कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले पर एन वक्त पर जल्दबाजी करने के बजाय पहले ही विचार किया जाना चाहिए। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में हवा के अधिक प्रदूषित होने के दौरान पटाखे जलाने पर लगी पाबंदियों से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान यह सुझाव दिया। पीठ ने सीपीसीबी के वकील से कहा कि कृपया कुछ छूट दें। हम दिवाली से ठीक पहले इसमें जल्दबाजी नहीं करना चाहते। शीर्ष अदालत ने 22 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा था कि वे सीपीसीबी से इस बारे में निर्देश लें कि क्या शोर से जुड़ी पाबंदियों में कुछ छूट देकर खास तरह के पटाखों की इजाजत दी जा सकती है।

