सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट विवाद: विशेष अदालत ने लोकायुक्त पुलिस से मांगी रिपोर्ट

बेंगलुरु, 18 सितंबर - कर्नाटक में सांसद-विधायकों की विशेष अदालत ने शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस को एक अहम निर्देश दिया है। अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके परिवार से जुड़े 'सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट' के मामले में लोकायुक्त पुलिस को अपना पक्ष और रिपोर्ट पेश करने को कहा है। यह मामला पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ी एक निजी शिकायत से संबंधित है। इस ट्रस्ट में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, उनके बेटे व कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे और अन्य परिजन ट्रस्टी हैं। यह शिकायत 'लंचमुक्त कर्नाटक वेदिके' के अध्यक्ष विजयराघव मराठे ने दर्ज कराई है।
अपर नगर दीवानी एवं सत्र अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने अपने हलफनामे की तकनीकी गलती को सुधार लिया है। अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में कोई बाधा नहीं है। इससे पहले कर्नाटक हाई कोर्ट ने 18 अगस्त को बीएनएसएस की धारा 223 के तहत जांच के निर्देश को रद्द कर दिया था। हाई कोर्ट ने हलफनामे की कमी को ठीक करने का अवसर देते हुए मामले को धारा 175 के तहत चलाने का आदेश दिया था।

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