तब तक टैंकर से काम चलाइए 

हमारे यहां पानी पर भी राजनीति होती है। वो भी साल के दो-तीन महीने। जब गर्मी प्रचंड पड़ रही होती है। पानी तब बहुत बड़ा मुद्दा बन जाता है। सोचता हूँ, भ्रष्टाचार के बड़े उदाहरणों में से ये पानी की बड़ी-बड़ी टंकियां हैं। ऐसा इसलिए भी है कि इन बड़ी-बड़ी टंकियों में पानी कभी नहीं आया। और ये देश में आज भी  केवल शोभा कि वस्तु बनकर रह गयीं हैं। ये हम जनता को मुंह चिढ़ाती हुई यहां वहां जहां तहां खड़ी दिखाई देतीं हैं। मुझे ये भी लगता है कि जितने बड़े-बड़े आकार की ये टंकियां हैं। ये पानी की टंकियां नहीं ब्लकि भ्रष्टाचार के दानव हैं। अब इससे भद्दा मजाक भला और क्या होगा कि सालों से बनी टंकियों में अब तक किसी कारण से जलापूर्ति नहीं हो सकी है। 
सोचता हूं जब पहले-पहल कोई पानी की समस्या लेकर नेताजी के पास पहुंचा होगा। तो नेताजी की बांछें खिल गईं होंगी। और नेताजी जनता के दु:ख से वैसे ही कुछ दु:खी हुए होंगे। जैसे बूढ़ा शेर गड्ढ़े में गिरे किसी आदमी को देखकर दुखी होता होगा। जैसे पानी की समस्या जनता की नहीं बल्कि खुद नेताजी की रही हो। लिहाजा तब नेताजी ने जनता के आंसू पोंछा होगा। और जनता को निश्चित रहने को कहा होगा। शायद नेताजी ने ये भी कहा होगा कि जब तक मैं टंकी नहीं बनवा लूँगा। और उसमें पानी नहीं पहुँचवा दूँगा। तब तक अन्न-जल ग्रहण नहीं करूंगा। और जनता ने भरोसा कर लिया होगा। और नेताजी ने अपना उल्लू इस बीच सीधा किया होगा। शहरी और ग्रामीण जलापूर्ति योजना में तब बड़े-बड़े ठेकों का टेंडर निकाला  होगा। और नेताजी ने दबाकर माल कमाया होगा। किसी की मजबूरी किसी के तो काम आई। नेताजी भी अपने आदमी हैं। हर टेंडर में कमिशन मोटा-मोटा खाया होगा। नेताजी हमेशा यही सोचते रहते हैं कि गर्मियों का ये सीजन कभी खत्म ही ना हो। और लोग इसी तरह दौड़-दौड़कर मेरे पास आते रहें। और पानी की आपूर्ति तुरंत चालू हो जाए। इसकी अर्जी लगाते रहें। बदले में नेताजी काम हो जाएगा ऐसा कहकर मुस्कुराते रहें लेकिन अगले चुनाव में फिर मुद्दा क्या बचेगा।   ये सोचकर घबराते रहें। फिर किस मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। ऐसा सोचकर पछताते रहें। यही सोचकर नेताजी पानी का मुद्दा अटकाते रहे हों। और जनता को भटकाते रहे हों। चुनाव से पहले-पहले पानी आ जाएगा। ऐसा जनता को बतलाते हैं। तब तक पानी टैंकर से भिजवाता हूँ। उससे काम चलाओ!
-मेघदूत मार्केट फुसरो, बोकारो झारखंड 
पिन 829144 

#तब तक टैंकर से काम चलाइए