पंजाब में निवेश बढ़ाने के यत्न
पंजाब के लिए नि:संदेह यह एक अच्छा समाचार है कि एक ओर प्रदेश में विगत कुछ वर्षों में स्थानीय एवं विदेशी पूंजी-निवेश वृद्धि हुई है, वहीं युवाओं के लिए रोज़गार के अवसरों में भी वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में औद्योगीकरण की स्थिति में भी व्यापक रूप से सुधार एवं विस्तार हुआ है जिसके दृष्टिगत पंजाब प्रदेश देश में एक प्रमुख औद्योगिक प्रांत के रूप में उभरा है। प्रदेश में इस औद्योगिक प्रसार के कारण रोज़गार के अवसर बढ़े हैं। खास तौर पर युवा वर्ग के लिए औद्योगिक रोज़गार अवसरों में पर्याप्त इज़ाफा हुआ है। इससे एक ओर जहां प्रदेश की युवा शक्ति को प्रेरक एवं उपयोगी दिशा की ओर बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, वहीं प्रदेश की खुशहाली की आहट की सम्भावनाएं भी प्रबल होते दिखाई दी हैं। प्रदेश में नव-औद्योगिक प्रसार का आलम यह है कि परम्परागत औद्योगिक इकाइयों के इतर भी प्रदेश में भिन्न-भिन्न प्रकार के उद्योगों के लिए सम्भावनाएं तलाश की गई हैं। प्रदेश के मोहाली जैसे कई क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्रों के प्रफुल्लित होने की सूचनाएं हैं। प्रदेश के पहले से औद्योगिक मानचैस्टर कहे जाते शहर लुधियाना में भी औद्योगिक परिवेश बढ़ने और नये उद्योगों के विकास की सम्भावनाएं बढ़ी हैं।
प्रदेश की मौजूदा सरकार के पिछले लगभग साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान की एक रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान प्रदेश में कुल 1.89 लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश दर्ज किया गया है। इस कारण प्रदेश के भीतर और बाहर पंजाबी युवाओं के लिए 6.31 लाख से अधिक रोज़गार के अवसरों का सृजन हुआ है। नये निवेश से नि:संदेह नये उद्योग और नये कार्य क्षेत्र भी विकसित हुए हैं। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार क्रांति हेतु कृषि-आधारित उद्योगों अथवा कृषि से सम्बद्ध उद्योगों के लिए साज़गार माहौल सृजित हुआ है। इसे मौजूदा दौर की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है। निर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग, कपड़ा क्षेत्र और फल-सब्ज़ी प्रोसैसिंग के क्षेत्रों में भी रोज़गार के अवसरों की तलाश हेतु यत्न किये गये हैं जिनका सार्थक और सकारात्मक परिणाम आने की सम्भावनाएं मौजूद हैं। सरकार की इस रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में निवेश बढ़ने का अर्थ उद्योगपतियों एवं व्यापार क्षेत्र के लोगों में प्रदेश के भविष्य के प्रति विश्वास और भरोसा बढ़ना समझा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस भरोसे के कारण ही प्रदेश में नई नौकरियों का सृजन हुआ है जिसे नये अवसरों के रूप में देखा जाता है। प्रदेश औद्योगिक विभाग की समीक्षा के बाद स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा इन दावों के प्रति आश्वस्त होने की घोषणा करना भी, इस रिपोर्ट की पुष्टि करना समझा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि तकनीक, नवीकृत ऊर्जा, कल-पुर्जे आदि के निर्माण की प्रदेश में मौजूद सामर्थ्य शक्ति में भी इज़ाफा हुआ है जिससे प्रदेश में समृद्धि की सम्भावनाओं को तलाश किया जा सकता है। ऐसी सम्भावनाओं को तब और बल मिलता है जब प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा पंजाब और शारजाह के बीच औद्योगिक एवं व्यापारिक कारीडोर बनने की सम्भावनाओं का आश्वासन भी देते हैं।
इस रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश सरकार की योजनाओं और विश्वसनीयता के आधार पर टाटा स्टील, वर्धमान, नैस्ले, हिन्दुस्तान लीवर और कई अन्य कपड़ा मिलों ने पंजाब की ओर निवेश का हाथ बढ़ाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वयं इस तथ्य का खुलासा किया है कि प्रदेश का मोहाली ज़िला उपलब्ध निवेशों के मामले में अन्य ज़िलों से अग्रणी होकर उभरा है। मोहाली में कुल 9,478 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हुए हैं। दूसरे स्थान पर 4,968 करोड़ रुपये के प्रस्तावों सहित लुधियाना रहा है जबकि पटियाला को 2,590 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। होशियारपुर के हिस्से लगभग 2,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव और जालन्धर को केवल 1,003 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं। इस कारण इस तथ्य को भली प्रकार समझा जा सकता है कि एक ओर जहां मोहाली प्रदेश का दूसरा बड़ा औद्योगिक केन्द्र बन कर उभर रहा है, वहीं लुधियाना का औद्योगिक मान-चित्र पर व्यापक रूप से विस्तार हो रहा है जो प्रदेश की समृद्धि एवं आर्थिकता के लिए एक अच्छा चिन्ह प्रतीत होता है।
हम समझते हैं कि प्रदेश की उन्नति, प्रगति और समृद्धि के लिए यह एक शुभ चिन्ह है। पंजाब इन दिनों एक ओर जहां नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए कुख्यात हो रहा है, वहीं प्रदेश का युवा अपराध की ओर अग्रसर हुआ है। प्रदेश के युवाओं का विदेशों की ओर पलायन भी एक बड़ी लाअनत जैसा है। इस कारण प्रदेश की कृषि और कृषि-भूमि को भारी क्षति पहुंची है। सरकारें चिरकाल से प्रदेश के जिस्म पर लगी इन जोंकों को उतारने हेतु यत्न करती रही हैं, किन्तु अभी तक किसी भी सरकार को सफलता नसीब नहीं हुई। प्रदेश की मौजूदा सरकार ने भी इन समस्याओं की विष-बेलों को उखाड़ने की पूरी कोशिश की है। हम समझते हैं कि नि:संदेह मुख्यमंत्री के तत्संबंधी यत्नों से किसी सार्थक परिणाम की आशा अवश्य की जा सकती है। प्रदेश में निवेश की सम्भावनाओं को जिस प्रकार दर्शाया गया है, यदि इन पर बूर पड़ता है, तो नि:संदेह यह प्रदेश के सामूहिक हित और प्रदेश की युवा पीढ़ी की बेहतरी के लिए एक शुभ चिन्ह सिद्ध हो सकता है।

