फीका रहा सेब सीजन केवल 1.23 करोड़ पेटियां पहुंची बाज़ार
, बागवानी मंत्री बोले - MIS में होगी 1 रुपए की बढ़ोत्तरी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। इस बार मौसम का साथ नहीं मिलने के कारण सेब की फसल कम हुई और करीब 1 करोड़ 23 लाख पेटियां ही बाजार तक पहुंच पाईं। वहीं, मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत खरीद और भुगतान को लेकर भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया गया है। सरकार का कहना है कि पिछली भाजपा सरकार से 114 करोड़ रुपये की देनदारी विरासत में मिली थी, जिसे चुकाया गया है। इसके अलावा 262 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। MIS के तहत खरीद प्रक्रिया में बदलाव के साथ पारदर्शिता लाने के लिए ऐप भी शुरू किया गया है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा MIS के मुद्दे पर भ्रम फैला रही है. बागवानी मंत्री ने कहा कि सरकार MIS के तहत इस साल करीब 13 हजार मीट्रिक टन की खरीद कर पाई जबकि बीते वर्ष 79 हज़ार मैट्रिक टन की प्रोक्योरमेंट की गई थी।
मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि MIS के तहत खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऐप की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है। सरकार ने भाजपा पर MIS के मुद्दे पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। सरकार के अनुसार, पिछली भाजपा सरकार से मिली 114 करोड़ रुपये की देनदारी का भुगतान किया गया है, जबकि कुल भुगतान 262 करोड़ रुपये से अधिक रहा है।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि 30 बोरियों से कम सेब 11,285 बागवानों को भुगतान किया गया है.। वहीं, 2,827 ऐसे बागवानों की संख्या हे जिनसे 100 से कम बोरियों की प्रोक्योरमेंट की गई। इसके अलावा करीब 100 से ज्यादा बोरियों वाले बागवानों की संख्या 2,000 है। जगत सिंह नेगी ने कहा लगभग 5,000 बागवानों ने अब तक अपने दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं।
MIS तहत वर्ष 2023 में खरीद दर बढ़ाकर 12 रुपये की गई थी। अब इसे बढ़ाकर 13 रुपये करने का प्रस्ताव है। हालांकि, इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी मिलना बाकी है। सरकार की मंजूरी के बाद ही नई दर लागू होने का रास्ता साफ होगा।

