फूड प्रोसेसिंग में बनाएं शानदार कॅरियर
खेती के साथ-साथ हर गुजरते साल में खाद्य प्रसंस्करण यानी फूड प्रोसेसिंग का क्षेत्र भी तेजी से महत्वपूर्ण बनकर उभर रहा है। फल, सब्जियां, अनाज, दूध, मसाले और अन्य कृषि उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने, उनकी गुणवत्ता सुधारने, पैकेजिंग करने और बाजार के अनुकूल उत्पादों में बदलने का काम इसी उद्योग का हिस्सा है। जैम, जूस, जैली, अचार, बिस्कुट, डेयरी उत्पाद, फ्रोजन फूड और रेडी-टू-कुक जैसे विभिन्न उत्पाद इसके उदाहरण हैं। इस क्षेत्र की खासियत यह है कि इसमें केवल इंजीनियरों या वैज्ञानिकों के लिए ही मौके नहीं हैं बल्कि 12वीं के बाद सामान्य छात्र भी इस संबंध में कुछ ज़रूरी प्रशिक्षण लेकर इस क्षेत्र में कई तरह के कामों में शामिल हो सकते हैं। पैकेजिंग, गुणवत्ता जांच, कोल्ड स्टोरेज, मशीन संचालन और फूड बिजनेस जैसे क्षेत्रों में अपना कॅरियर बना सकते हैं। सही योग्यता, व्योहारिक कौशल और अनुभव के साथ आगे बढ़ने की इस क्षेत्र में तमाम संभावनाएं मौजूद हैं। इसलिए आइये इस क्षेत्र को विस्तार से समझते हैं।
क्या फूड प्रोसेसिंग?
फूड प्रोसेसिंग वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से कच्चे खाद्य पदार्थों को सुरक्षित, उपयोगी और बाज़ार में बेचने के योग्य उत्पादों में बदला जाता है। उदाहरण के लिए दूध से पनीर और दही बनाना, टमाटर से सॉस तैयार करना, गेहूं से आटा बनाना या फलों को सुखाकर पैक करना, ये सब काम फूड प्रोसेसिंग के अंतर्गत आते हैं। इस उद्योग का उद्देश्य केवल खाद्य पदार्थों का स्वाद बढ़ाना भर नहीं है बल्कि उनकी गुणवत्ता बनाये रखना, खराब होने की आशंका कम करना, सुरक्षित भंडारण करना और उपभोक्ताओं तक व्यवस्थित तरीके से पहुंचाना भी है।
12वीं के बाद कैसे आएं इस क्षेत्र में?
फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में प्रवेश के लिए कई तरह के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकल्प मौजूद हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि, बजट और कॅरियर लक्ष्य के मुताबिक इनमें से चुनाव कर सकते हैं। जहां तक 12वीं के बाद इस क्षेत्र में प्रवेश करने का सवाल है तो फूड प्रोसेसिंग, फूड प्रिजर्वेशन, बेकरी, डेयरी टेक्नोलॉजी, फूड पैकेजिंग या फूड सेफ्टी, से जुड़े पाठ्यक्रम किये जा सकते हैं। इनकी अवधि संस्थान के अनुसार कुछ महीनों से लेकर लगभग दो वर्ष तक हो सकती है। दाखिले से पहले पाठ्यक्रम की मान्यता और व्योहारिक प्रशिक्षण की जांच ज़रूरी है। बीएससी फूड टेक्नोलॉजी या फूड साइंस का कोर्स करके खाद्य पदार्थों की संरचना, गुणवत्ता, संरक्षण और उत्पादन की वैज्ञानिक जानकारी हासिल करने के इच्छुक छात्र संबंधित स्नातक पाठ्यक्रम चुनकर इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं। हालांकि इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए अलग-अलग संस्थानों से कराये जा रहे पाठ्यक्रमों की शर्तें संस्थानों के मुताबिक अलग-अलग हो सकती हैं। इसी तरह इस क्षेत्र में बीटेक फूड टेक्नोलॉजी या फूड प्रोसेसिंग का पाठ्यक्रम करके तकनीकी और औद्योगिक स्तर पर काम करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी इस क्षेत्र में अपना कॅरियर बना सकते हैं। बीटेक फूड टेक्नोलॉजी या फूड प्रोसेसिंग का पाठ्यक्रम करने वाले खाद्य उत्पादन की मशीनें, प्रोसेसिंग तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और औद्योगिक प्रक्रियाओं की पढ़ाई करते हैं। कई संस्थानों में प्रवेश के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित की अनिवार्यता हो सकती है। इस क्षेत्र में अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, वास्तव में किसी कंपनी में व्योहारिक प्रशिक्षण के जरिये काम सीखने की प्रक्रिया है। इस तरह के प्रशिक्षण के लिए अवसर, संस्थान और नियोक्ता के मुताबिक होते हैं।
कहां मिलेगी नौकरी
फूड प्रोसेसिंग उद्योग में अलग-अलग योग्यता के अनुसार कई तरह के काम उपलब्ध हैं। मसलन प्रोडक्शन असिस्टेंट, पैकेजिंग ऑपरेटर, क्वालिटी कंट्रोल असिस्टेंट, फूड सेफ्टी असिस्टेंट, वेयर हाउस और कोल्ड चेन कर्मचारी तथा बेकरी और डेयरी तकनीशियन। जिस तरह विभिन्न जॉब प्रोफाइल के नाम अलग-अलग हैं, उसी तरह उनके काम भी अलग-अलग हैं। जैसे कि प्रोडक्शन असिस्टेंट खाद्य उत्पाद बनाने की प्रक्रिया में सहयोग देता है, मशीनों के संचालन में सहायता करता है, उसी तरह पैकेजिंग ऑपरेटर उत्पादों की पैकिंग, लेबलिंग और पैकेटों की जांच करता है। क्वालिटी कंट्रोल असिस्टेंट तय मानकों के आधार पर उत्पादों की गुणवत्ता जांचता है, फूड सेफ्टी असिस्टेंट, स्वच्छता, तापमान, भंडारण और खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने में सहायता करता है। जबकि वेयर हाउस और कोल्ड चेन कर्मचारी खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण, तापमान की निगरानी और माल की आवाजाही की जिम्मेदारी संभालता है। बेकरी और डेयरी तकनीशियन, बे्रड, बिस्कुट, दूध, पनीर, दही और अन्य उत्पादों के निर्माण में भागीदारी निभाता है।
कितनी कमाई हो सकती है
वेतन वास्तव में पद, योग्यता, शहर, कंपनी और अनुभव पर निर्भर करता है। एक सामान्य अनुमान के मुताबिक शुरुआती स्तर पर उत्पादन या पैकेजिंग से जुड़े कर्मचारियों को 10 हजार से 18 हजार रुपये प्रतिमाह तथा तकनीकी प्रशिक्षण या संबंधित डिप्लोमा धारकों को 15 हजार से 25 हजार रुपये प्रतिमाह मिल सकते हैं। साथ ही बेहतर शैक्षगिणक योग्यता, विशेष तकनीकी कौशल और अनुभव के साथ वेतन इससे अधिक भी हो सकता है। अपना कारोबार शुरु करने पर फूड प्रोसेसिंग की एक बड़ी खासियत यह है कि अनुभव और बाज़ार की समझ के साथ अपना छोटा कारोबार भी शुरु किया जा सकता है। अचार, पापड़, मसाले, जैम, चटनी, बेकरी उत्पाद आधारित खाद्य पदार्थ या सूखे फलों की पैकेजिंग जैसे निजी रोज़गार के विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। हां, शुरुआत जब भी करें, एक या दो उत्पाद से ही करें और इसके लिए स्थानीय मांग, कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पादन लागत, पैकेजिंग और बिक्री के माध्यमों का आंकलन करके अगर अपने कारोबार को बढ़ाया जाए, तो किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। अपने इस उत्पाद को सीधे ग्राहकों, स्थानीय बाजारों या निजी जान-पहचान वालों तक पहुंचाने के लिए पहले स्थानीय ग्राहकों की प्रतिक्रिया हासिल करें। इसके बाद अपने उत्पादन के बढ़ाने के विचार को अमलीजामा पहनाएं। कारोबार के आकार और उसके नेचर के मुताबिक अन्य स्थानीय अनुमतियां भी आवश्यक हो सकती हैं। पात्रता और सहायता की शर्तें योजना के अनुसार अलग-अलग होती हैं।
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर





