कभी दूसरे ग्रहों के बीच ‘स्वर्ग’ बना था मंगल ग्रह


आकाशगंगा में पृथ्वी के अतिरिक्त मौजूद दूसरे ग्रहों पर भी जीवन की खोज के लिए दुनियाभर के खगोल शास्त्री पिछले काफी समय से प्रयासरत हैं और इन प्रयासों में वे सफलता के कुछ करीब पहुंचते भी नजर आए हैं। करीब 4.6 अरब वर्ष पूर्व जन्मे आसमान में चमकते लाल रंग के बड़े ग्रह ‘मंगल’ (मार्स) पर जीवन की संभावनाएं तलाशने के लिए तो वर्षों से गंभीर प्रयास हो रहे हैं। सूर्य से दूरी के अनुसार यह चौथे स्थान पर है तथा पृथ्वी के बाद आता है। चूंकि सूर्य से मंगल की दूरी पृथ्वी के मुकाबले अधिक है, इसलिए सूर्य की किरणें इस पर पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाती और यही कारण है कि मंगल ग्रह काफी ठंडा है। मंगल ही वह ग्रह है, जिस पर जीवन की उत्पत्ति की वैज्ञानिक सर्वाधिक संभावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।दरअसल मंगल ग्रह की संरचना भी बहुत हद तक पृथ्वी जैसी ही है। इसके भी पृथ्वी की ही भांति उपग्रह हैं किन्तु इनकी संख्या दो है, जो इसके चारों ओर चक्कर लगाते रहते हैं लेकिन पृथ्वी की भांति मंगल पर पानी मौजूद नहीं है पर वैज्ञानिकों का मानना है कि इस ग्रह पर भी कभी पानी के स्रोत रहे होंगे क्योंकि मंगल की तस्वीरों में इसके धरातल पर जलधाराओं के बहने के निशान स्पष्ट दिखाई देते हैं।
खगोल वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जब मंगल का जन्म हुआ था, तभी उसे सूर्य की ऊष्मा को सोखने वाला वायुमंडल विरासत में मिला था, जो कार्बन डाइआक्साइड तथा जल वाष्प से मिलकर बना था और हवा, पानी तथा ऊष्मा ने इस ग्रह को इस कदर हरा-भरा कर दिया था कि यह ग्रह दूसरे ग्रहों के बीच स्वर्ग बन गया था लेकिन इस ग्रह की हरियाली और बाग-बगीचे बहुत ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सके। किन्हीं कारणवश मंगल की नदियां पूरी तरह सूख गई और बाग-बगीचे हमेशा के लिए बर्फ  में जम गए लेकिन उन कारणों का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है, जिनकी वजह से ऐसा हुआ होगा। कुछ समय पूर्व अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ के मंगल यान ‘स्प्रिट’ को तो मंगल ग्रह पर एक ऐसे खनिज को खोजने में सफलता भी मिली है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कभी यहां जीवन के लिए अनिवार्य माना जाने वाला पानी मौजूद था। जियोथाइट के अलावा इससे पूर्व ‘अपरचुनिटी’ नामक एक अन्य मंगल यान ने मंगल ग्रह के एक दूसरे हिस्से पर ‘जैरोसाइट’ नामक खनिज का भी पता लगाया था जबकि मंगल के कोलम्बिया हिल्स हिस्से से ही ‘हेमेटाइट’ नामक खनिज भी मिल चुका है। दिलचस्प बात यह है कि इन सभी खनिजों का निर्माण पानी की उपस्थिति में ही होता है, जिससे यह संकेत मिलते हैं कि कभी मंगल ग्रह पर प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध था और ऐसे में मंगल पर जीवन की संभावनाओं से इन्कार भी नहीं किया जा सकता।
- योगेश कुमार गोयल