हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को किया अस्त-व्यस्त
शिमला, 31 अगस्त - हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश में अभी तक तीन नेशनल हाईवे और 839 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इनमें अकेले चंबा में 286, मंडी में 197, कुल्लू में 175, कांगड़ा में 61, सिरमौर में 38 और शिमला में 28 सड़कें शामिल हैं। कुल्लू ज़िले में दो और मंडी ज़िले में एक नेशनल हाईवे यातायात के लिए पूरी तरह बंद पड़ा है। सड़क मार्ग बंद होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। 31 अगस्त को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू ज़िलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर ज़िलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट रहेगा। पहली सितंबर को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और शिमला में और दो सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर ज़िलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तीन से पांच सितंबर तक भी मौसम खराब रहने का अनुमान है, हालांकि इस दौरान किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
बीते 24 घंटों में कई क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज की गई। चंबा के चुआड़ी में सबसे अधिक 100 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। जोगिंद्रनगर में 90, रामपुर बुशहर और धर्मशाला में 70-70, शिमला, कटुआला, नाहन और पालमपुर में 60-60, सराहन में 50, जबकि गोहर, शिलारू, कांगड़ा और नारकंडा में 40-40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। राजधानी शिमला में शनिवार को भी दिनभर बारिश होती रही, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। भारी बारिश और भूस्खलनों के चलते न केवल सड़क मार्ग ठप पड़े हैं बल्कि बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रदेश में 728 ट्रांसफार्मर और 456 पेयजल योजनाएं बंद पड़ी हैं। चंबा में 363, कुल्लू में 225 और मंडी में 123 ट्रांसफार्मर बंद हैं। इसी तरह कांगड़ा में 212, चंबा में 93, मंडी में 56, शिमला में 52 और कुल्लू में 39 पेयजल योजनाएं ठप हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार मानसून सीजन के दौरान अब तक 320 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें मंडी में 51, कांगड़ा में 49, चंबा में 36, शिमला में 29, कुल्लू और किन्नौर में 28-28 लोगों की जान गई है। अब तक 4041 घरों को क्षति पहुंची है, जिनमें 824 पूरी तरह ढह गए। अकेले मंडी ज़िले में 1592 मकान क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें से 517 पूरी तरह गिर गए। इसके अलावा प्रदेश भर में 467 दुकानें और 3646 पशुशालाएं तबाह हो चुकी हैं।
पूरा प्रदेश इस बार मानसून की मार से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अब तक 3042 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग को 1693 करोड़, जल शक्ति विभाग को 1070 करोड़ और ऊर्जा विभाग को 139 करोड़ रुपये की क्षति उठानी पड़ी है। लगातार जारी बारिश और अलर्ट के बीच आम लोग अब भी मुश्किलों से जूझ रहे हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है।