आईपीएल 2026 : कोहली के जलवे से आरसीबी फिर बनी चैम्पियन
अहमदाबाद में 31 मई 2026 को गुजरात टाइटंस (जीटी) के विरुद्ध आईपीएल 2026 के फाइनल से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंग्लुरु (आरसीबी) के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा था कि वह आईपीएल 2025 की जीत का बचाव करने नहीं आये हैं बल्कि उनकी टीम की मानसिकता खिताब हासिल करने की है। यह आत्मविश्वास मैदान पर एकदम सही साबित हुआ। इस सत्र की दोनों टॉप टीमें आमने सामने थीं और मेज़बान (जीटी) व गत विजेता (आरसीबी) के बीच मुकाबला दोनों के ही टॉप आर्डर बैटर्स और नई गेंदबाज़ों की जोड़ियों के बीच था। एक तरफ आरसीबी के धुरंदर विराट कोहली व रजत पाटीदार को जीटी के मुहम्मद सिराज व कगिसो रबाडा की आग उगलती गेंदों का सामना करना था, जो इस सीजन में अक्सर पॉवरप्ले में ही मैच खत्म कर रहे थे, तो दूसरी तरफ जीटी की सलामी जोड़ी शुभमन गिल व साईं सुदर्शन, जो निरंतरता से शतकीय साझेदारी कर रहे थे, को भुवनेश्वर कुमार व हेज़लवुड की स्टीक लाइन लेंथ व दोनों तरफ स्विंग होती गेंदों से खुद को बचाना था। दिलचस्प संभावनाओं भरे इस मुकाबले को आरसीबी के बैटर्स व गेंदबाज़ों ने जीत लिया और आरसीबी, जो लम्बे समय तक खिताब के लिए तरसती रही थी, उसने लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्राफी अपने नाम की।
आरसीबी ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ों को थोड़ा मदद करने वाली अहमदाबाद की पिच पर बल्लेबाज़ी के लिए जीटी को आमंत्रित किया। हालांकि आईपीएल के इस सीजन में सपाट पिचें गेंदबाज़ों के लिए इतना डरावना सपना थीं कि निरंतरता के साथ 200-250 रन का स्कोर हो रहा था और वह चेज़ भी हो रहा था, लेकिन जहां गेंदबाज़ों को पिच से ज़रा सी भी मदद मिली, वहां बैटर्स संघर्ष करते हुए नज़र आये। फाइनल में भी यही हुआ। आरसीबी के गेंदबाज़ों के सामने जीटी के बैटर्स, वाशिंगटन सुंदर (50 नाबाद) को छोड़कर, किसी की एक न चली और वह अपने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर मात्र 155 रन का स्कोर ही खड़ा कर सके। आरसीबी की तरफ से रसिक सलाम (3/27), भुवनेश्वर कुमार (2/29) व हेज़लवुड (2/37) ने शानदार, प्रभावी व किफायती गेंदबाज़ी की। हालांकि पिच आरसीबी बैटर्स के लिए भी कठिन थी, लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर वेंकटेश अय्यर ने मात्र 16 गेंदों में 32 रन की पारी खेलकर बाज़ी काफी हद तक अपनी टीम के पक्ष में कर दी और जब चेज़ मास्टर किंग विराट कोहली मूड में हों तो कोई भी लक्ष्य पहुंच से बाहर नहीं होता है।
कोहली ने 9 चौके, 3 छक्कों और 178.57 के स्ट्राइक रेट से नाबाद रहते हुए 75 रन बनाये। आरसीबी ने 18 ओवर में 161 रन बनाकर 5 विकेट से जीत दर्ज की और साबित किया कि इस बार भी खिताब की सही दावेदार वही थी, विशेषकर इसलिए कि पूरी प्रतियोगिता में लगातार उसने प्रभावी प्रदर्शन किया और टॉप पर बनी रही। इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि फाइनल में मुख्य अंतर कोहली ही साबित हुए। यही नहीं, कोहली ने अपना नाम इतिहास पुस्तकों में भी दर्ज कराया। उन्होंने एक ही गेंदबाज़ के खिलाफ आईपीएल के एक सत्र में सबसे ज्यादा रन बनाने का सर्वकालिक रिकॉर्ड तोड़ा। कोहली ने 2026 आईपीएल में जीटी के खिलाफ चार मैच खेले और कगिसो रबाडा की गेंदबाज़ी के खिलाफ कुल 88 रन बनाये, जबकि रबाडा उन्हें सिर्फ एक बार ही आउट कर सके। दक्षिण अफ्रीका के इस तेज़ गेंदबाज़ के विरुद्ध कोहली ने 14 चौके व 4 छक्के लगाये। यह इस लिहाज़ से बहुत बड़ी उपलब्धि है कि इस सीजन में रबाडा ने सबसे ज्यादा 29 विकेट लिए और पर्पल कैप अपने नाम किया। फाइनल में तो कोहली ने रबाडा की मात्र 6 गेंदों पर 25 रन बनाये। ध्यान रहे कि रबाडा एक मात्र गैर-भारतीय गेंदबाज़ हैं जिन्होंने टी-20 क्रिकेट में कोहली को पांच बार आउट किया है।
फाइनल में बल्ले से अपने शानदार प्रदर्शन के कारण कोहली को प्लेयर ऑफ द मैच के अवार्ड से सम्मानित किया गया। अनिल कुंबले के बाद कोहली सबसे अधिक आयु के दूसरे स्थान के खिलाड़ी हैं जिन्होंने आईपीएल के फाइनल में यह सम्मान हासिल किया है। अनिल कुंबले ने 38 वर्ष की आयु में यह पुरस्कार जीता था, जबकि कोहली ने 37 वर्ष की आयु में इसे हासिल किया। गौरतलब है कि आईपीएल के इतिहास में कोहली से अधिक प्लेयर ऑ़फ द मैच अवार्ड किसी ने नहीं जीते हैं। यह उनका 22वां अवार्ड था। उनके बाद रोहित शर्मा ने 21 प्लेयर ऑ़फ द मैच अवार्ड अपने नाम किये हैं। जहां तक ऑरेंज कैप की बात है तो इस सत्र में उसे राजस्थान रॉयल्स के 15-वर्षीय बॉय-वंडर वैभव सूर्यवंशी ने अपने नाम की। वह यह कैप जीतने वाले आईपीएल के इतिहास में सबसे कम आयु के खिलाड़ी बने। सूर्यवंशी ने 16 मैचों में 776 रन बनाये, अविश्वसनीय 237.30 के स्ट्राइक रेट से। उन्होंने कुल 72 छक्के लगाये। ऑरेंज कैप के अतिरिक्त, अपने रिकॉर्ड तोड़ अभियान की बदौलत सूर्यवंशी ने मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (एमवीपी) अवार्ड भी अपने नाम किया। लीजेंड सचिन तेंदुलकर सूर्यवंशी को ‘वास्तव में विशेष’ प्रतिभा मानते हैं और उनका सुझाव है कि इस युवा खिलाड़ी के प्राकृतिक खेल में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए क्योंकि वह गेंद को स्लॉग नहीं कर रहे हैं बल्कि लाइन व लेंथ को अन्य खिलाड़ियों की तुलना में जल्दी पिक कर रहे हैं और आराम से गेंद को सीमारेखा के पार पहुंचा रहे हैं।
सचिन का कहना है कि मैदान के हर कोने में खेलने के लिए आपको कलाई से खेलना आना चाहिए और यह खूबी सूर्यवंशी में मौजूद है। आईपीएल के इस सत्र में अधिकतर पिचों को इतना सपाट बनाया गया था कि खेल का पूरा रुख बैटर्स के पक्ष में मुड़ गया। बीस ओवर में न सिर्फ 200-250 रन निरंतरता से बनाये जा रहे थे बल्कि उन्हें आसानी से चेज़ भी किया जा रहा था। गेंदबाज़ों के लिए पिचें कितनी कब्रगाह थीं, इसका अंदाज़ा भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पूरी प्रतियोगिता में केवल 5 विकेट लिए और वह भी 102 से अधिक के शर्मनाक औसत से, जबकि टी-20 विश्व कप में सर्वाधिक विकेट लेकर वह भारत की खिताबी जीत के सूत्रधार बने थे। इस पृष्ठभूमि में सचिन आईपीएल के नियमों में कुछ परिवर्तन चाहते हैं ताकि बल्ले व गेंद में संतुलन स्थापित किया जा सके। सचिन विवादित इम्पैक्ट प्लेयर नियम को रद्द करने के पक्ष में हैं, जिसे 2023 में आरंभ किया गया था और जिसके तहत टीमें मैच में किसी भी समय सबस्टीच्यूट खिलाड़ी को प्लेयिंग 11 में शामिल कर सकती हैं, पांच लिस्टेड खिलाड़ियों में से। बीस ओवर के खेल में इम्पैक्ट प्लेयर, सचिन के अनुसार, संतुलन को बिगाड़ देता है, विशेषकर जब गेंदबाज़ों के लिए स्थितियां पहले से ही विपरीत हों। सचिन यह भी चाहते हैं कि एक गेंदबाज़ को पांच ओवर फेंकने का अवसर दिया जाये। चूंकि वह ओवर टीम का सबसे अच्छा गेंदबाज़ करेगा तो इससे गेंद व बल्ले में कुछ तो संतुलन स्थापित होगा।
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर





