पर्यटकों के लिए अब बाली व मालदीव के विकल्प भारत में भी
मेरा एक दोस्त है जो अपनी गर्मियों की छुट्टियां किसी द्वीप पर समुद्र के किनारे बिताना चाहता है लेकिन वह वर्तमान महंगाई व युद्ध की स्थिति को देखते हुए किसी विदेशी द्वीप पर नहीं जाना चाहता, विशेषकर इसलिए कि वह वीज़ा पेपरवर्क, महंगी अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइट्स, करेंसी बदलने आदि के झंझट से दूर रहना चाहता है। इसलिए उसने मुझसे मालूम किया कि भारत में ही बाली या मालदीव के क्या विकल्प हो सकते हैं? मैंने उसे ऐसे पांच भारतीय स्थलों के बारे में बताया जहां वह सुंदर बीच, सिर्फ संस्कृति आदि का आनंद ले सकता है। आप भी सुनिये।
लक्षद्वीप
भारत में मालदीव से सबसे अधिक मिलती जुलती जगह लक्षद्वीप है। छोटे-छोटे कोरल द्वीप नीले रंग के शानदार शेडस में तैरते हुए, लगून, सफेद रेत के किनारे और भीड़ नदारद। समानताएं एकदम से ज़ाहिर हो जाती हैं। अरब सागर में केरलम के तट पर फैला हुआ लक्षद्वीप 36 कोरल द्वीपों से बना हुआ है, हालांकि गिनती के ही पर्यटकों के लिए खुले हुए हैं। अगत्ती, बंगाराम और थिन्नाकारा द्वीपों पर लोग अधिक जाना पसंद करते हैं, विशेषकर वह यात्री जो शांत, एकांत शैली के स्टे को प्राथमिकता देते हों। यहां की गति जानबूझकर धीमी है। दिन कोरल रीफ पर स्नोरकेलिंग, शांत लगूनों में कयाकिंग, रीफफिश के साथ गोता लगाते हुए या समुद्र के किनारे चहलकदमी करते हुए गुज़ारे जाते हैं। अब लक्षद्वीप पहुंचा कैसे जाये? अगत्ती मुख्य प्रवेश द्वार है क्योंकि द्वीपों के इस समूह में केवल इसी में ही एकमात्र एयरपोर्ट है। कोच्ची से फ्लाइट्स लगभग 90 मिनट लेती हैं और इसके बाद स्पीडबोट्स पास के द्वीपों पर यात्रियों को पहुंचाती हैं।
स्वराज द्वीप (हेवलॉक द्वीप), अंडमान
अगर लक्षद्वीप में सुदूरपन व शांति है तो स्वराज द्वीप जिसका पुराना नाम हेवलॉक द्वीप है, वह अधिक जीवंत ट्रॉपिकल द्वीप का अनुभव प्रदान करता है। यह अंडमान व निकोबार द्वीपों का हिस्सा है और अपनी शानदार बीचों के लिए विख्यात है। यहां ़गज़ब की गोताखोरी संस्कृति है, जंगलों से भरे किनारे हैं और शांत वातावरण है। इस द्वीप का मुख्य आकर्षण राधानगर बीच है, जोकि अपने सफेद रेत के कारण एशिया की सबसे अच्छी बीचों में गिनी जाती है। यहां डूबते हुए सूरज का नज़ारा देखने लायक है। पर्यटक अन्य वाटर स्पोर्ट्स का भी मज़ा ले सकते हैं। जाने का सबसे आसान रास्ता यह है कि पोर्ट ब्लेयर के अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद स्वराज द्वीप के लिए फेर्री ले ली जाये, जोकि डेढ़ से ढाई घंटे के बीच में आपको द्वीप पर पहुंचा देगी।
तर्कारली-मालवण, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के कोंकण तट पर तर्कारली व मालवण को अक्सर महाराष्ट्र का मिनी मालदीव कहा जाता है। यह तुलना भले ही महत्वकांक्षी प्रतीत हो लेकिन इनका साफ पानी पहली-बार के यात्री को आश्चर्य में अवश्य डाल देता है। सिंधुदुर्ग ज़िले में स्थित यह तट बीचों, शांत बैकवाटर्स और पानी की गतिविधियों जैसे स्कूबा डाइविंग, स्नोरकेलिंग या पैरासेलिंग का संगम है, और वह भी बहुत कम खर्च में। तर्कारली में आपको स्थानीय कोंकणी संस्कृति देखने को मिलेगी। सिंधुदुर्ग किले में बोट राइड्स का आनंद लिया जा सकता है और मालवणी सीफूड थाली स्थानीय रेस्तरां में खायी जा सकती है। सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन कुदाल और सिंधुदुर्ग हैं कोंकण रेलवे पर, जबकि गोवा के एयरपोर्ट्स सड़क से कुछ ही घंटों के फासले पर हैं।
वर्कला, केरलम
जो पर्यटक बाली की सर्फ-टाउन एनर्जी से आकर्षित होते हैं, उन्हें वर्कला में लगभग वही वातावरण मिलेगा। यह केरलम के दक्षिण तट पर स्थित है। यह टाउन नाटकीय लाल चट्टानों के इर्दगिर्द बसा हुआ है, जहां के होमस्टे से अरब सागर का नज़ारा मिलता है। उत्तरी चट्टान क्षेत्र समय गुज़ारने के लिए सबसे अच्छी जगह है। यहां स्मूथी कैफे, स्कूल, आयुर्वेदिक मसाज केंद्र और रूफटॉप स्पॉट्स हैं, जहां शाम गुज़ारते हुए आनंद आ जाता है जो रात तक जारी रहता है। सर्फिंग वर्कला की पहचान बन गई है, लोग सप्ताह भर का सर्फ व स्टे पैकेज लेते हैं, बाली की तरह। करीबी रेलवे स्टेशन वर्कला सिवगीरी है, जबकि थिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट लगभग 40-45 किमी के फासले पर है। यह जगह सबसे सुंदर नवम्बर से मार्च तक रहती है, जब मौसम में अधिक नमी नहीं होती।
गोकर्ण
कर्नाटक में गोकर्ण गोआ का विकल्प है, जो आध्यात्मिकता का मिलन दिलकश तटीय आकर्षण से कराता है। महाबलेश्वर मंदिर सालभर भक्तों को आकर्षित करता है और शांत बीचें जैसे ओम, कुड्ले व हाफ मून पर्यटकों व योग प्रेमियों के लिए जन्नत हैं। चट्टानों के पास वाक करें, बीचसाइड कैफों में खाएं पियें, वाटर स्पोर्ट्स का आनंद लें या अरब सागर के किनारे रिलैक्स करें। गोकर्ण का धीमा जीवन और ग्रामीण एहसास इसे हर हाल एकांत तरोताजा होने के लिए आदर्श बना देता है।
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर





