बच्चें की पढ़ाई में शैक्षणिक टूर का महत्व
शिक्षा सिर्फ क्लास रूम की चारदीवारी तक सीमित नहीं रह सकती। आज के बदलते समय में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना ही काफी नहीं, बल्कि उनको हकीकत में जीवन के साथ जोड़ना भी बहुत ज़रूरी है। इसी कारण शैक्षणिक टूर शिक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग बन गए हैं। ये टूर बच्चों को सीखने का वह मौका देते हैं जो क्लास में बैठ कर संभव नहीं होता। शैक्षणिक टूर द्वारा बच्चे देखकर, सुन कर और अनुभव करके सीखते हैं, जिससे उनका ज्ञान पक्का और चिरस्थाई बनता है।
शैक्षणिक टूर वह यात्रा होती है जो विद्यार्थियों को शिक्षा के मकसद से करवाई जाती है। इसमें ऐतिहासिक स्थान, विज्ञान केन्द्र, प्राकृतिक स्थान, यूनिवर्सिटियां, लाइब्रेरियां, सरकारी दफ्तर आदि शामिल हैं। इन टूरों का मुख्य उद्देश्य बच्चों के पाठ्यक्रम से जुड़े विषय को वास्तविक जीवन से जोड़ना होता है।
लगातार पढ़ाई के कारण बच्चों पर मानसिक दबाव पड़ सकता है। शैक्षणिक टूर उनके लिए ताज़गी और मनोरंजन का साधन बनते हैं। नया माहौल, यात्रा का सुख और सीखने की खुशी बच्चों के मन को प्रसन्न करती है जिस से वे और उत्साहित होकर पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देते हैं। इतिहासिक और विरासती सांस्कृतिक स्थानों के टूर बच्चों में देश के प्रति साझी विरासत और सांस्कृतिक चेतना पैदा करते हैं। वह अपने देश के इतिहास, संघर्ष और उपलब्धियों के बारे में जानते हैं। अंतत: ये यात्राएं उनको भविष्य में सफलता और एक ज़िम्मेदार नागरिक बनाने में अपना सार्थक रोल निभाती हैं।
-प्राइमरी स्मार्ट स्कूल, मलूका (बठिंडा)
मो. 98720-89538





