पैरों में पेट वाली समुद्री मकड़ी
समुद्री मकड़ी एक विलक्षण समुद्री जीव है। यह देखने में जमीन पर पाई जाने वाली मकड़ी की तरह लगती है, अत: इसे समुद्री मकड़ी कहते हैं। विश्व में लगभग छह सौ जातियों की समुद्री मकड़ियां पायी जाती हैं। इनकी संरचना, आकार, आदतों एवं व्यवहारों तथा निवास आदि में पर्याप्त भिन्नता होती है। समुद्री मकड़ी प्राय: संसार के सभी सागरों और महासागरों में मिलती है। ध्रुवीय सागरों में इसकी संख्या अधिक है। आर्कटिक और अंटार्कटिक दोनों ही सागरों में यह बहुत बड़ी संख्या में पायी जाती है। अंटार्कटिक महासागर की मकड़ी बहुत बड़े आकार की होती है। इसके शरीर की लंबाई 10 सेंटीमीटर तक हो सकती है। विविधताओं की दृष्टि से समशीतोष्ण सागरों की समुद्री मकड़ियां प्रमुख हैं। यहां विश्व की सबसे अधिक समुद्री मकड़ियां पायी जाती हैं।
समुद्री मकड़ी सागरों और महासागरों में सभी स्थानों पर मिलती हैं। इसे सागर के उथले पानी और चट्टानी तटों से लेकर 7000 मीटर तक के गहरे पानी में देखा जा सकता है। अधिकांश समुद्री मकड़ियां सागर तट से दूर गहरे पानी में रहती हैं, अत: इनका प्राकृतिक अध्ययन करना अत्यंत कठिन कार्य है। समुद्री मकड़ियों के आवास और इनके रहने के ढंग में भी पर्याप्त विविधता होती है। कुछ समुद्री मकड़ियां उथले सागर के तल में रेंगती रहती हैं, तो कुछ सतह पर तैरती हैं और प्लेंकटन का जीव बनकर रहती हैं। अधिकांश समुद्री मकड़ियां जीवन भर किसी न किसी आधार के सहारे रहती हैं। समुद्री मकड़ी की शारीरिक संरचना बड़ी विचित्र होती है। यह एक ऐसा जीव है, जिसके केवल पैर होते हैं, शरीर तो बस नाममात्र का होता है। समुद्री मकड़ी के आकार और रंगों में भी पर्याप्त विविधता होती है। इसकी लंबाई 2.5 सेंटीमीटर से लेकर 60 सेंटीमीटर तक हो सकती है। सागर में उथले पानी में रहने वाली मकड़ियां प्राय: छोटे आकार की होती है। बड़े आकार की अधिकांश मकड़ियां गहरे पानी में ही मिलती हैं। समुद्री मकड़ी के आकार के समान ही इसके शरीर के रंगों में भी पर्याप्त विविधता होती है।
समुद्री मकड़ी के शरीर के तीन प्रमुख भाग होते हैं सिर, शरीर और पैर। इसका सर बहुत छोटा सा और अत्यंत साधारण होता है। सिर के अगले भाग में चोंच जैसे आकार का एक मुंह होता है, जिससे यह चूसकर भोजन करती है। समुद्री मकड़ी के सिर और शरीर के जोड़ वाले भाग पर 2 से लेकर 4 तक आंखें होती हैं, किंतु गहरे सागरों में रहने वाली प्राय: सभी मकड़ियां अंधी होती हैं। समुद्री मकड़ी का शरीर बड़ा विलक्षण होता है। यह इतना छोटा होता है कि इसके शरीर के भीतर के अंग इसमें नहीं आ पाते, अत: सरक कर पैरों में चले जाते हैं। समुद्री मकड़ी के पेट का अधिकांश भाग इसके शरीर के स्थान पर पैरों में ही होता है। समुद्री मकड़ी का शरीर बड़ा पतला होता है और अनेक भागों में विभक्त होता है। कुछ समुद्री मकड़ियों का शरीर डिस्क के आकार का होता है। समुद्री मकड़ी का शरीर कुछ मिली मीटर लंबा होता है अत: इसके पेट की तरह अन्य अंग भी शरीर के भीतर नहीं आ पाते और पैरों के भीतर चले जाते हैं। समुद्री मकड़ी के शरीर में छोटा सा साधारण हृदय होता है और यह इसके शरीर के भीतर रहता है। समुद्री मकड़ी के पैर सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण होते हैं।
इसके शरीर के अधिकांश महत्त्वपूर्ण अंग इसके पैरों के भीतर ही होते हैं। सामान्यतया समुद्री मकड़ी के चार जोड़े चलने वाले पैर होते हैं और शरीर के अंत में एक छोटा सा पैर होता है, किंतु कुछ समुद्री मकड़ियों के 5-6 जोड़ी पैर होते हैं। समुद्री मकड़ी के पैर बहुत लंबे और मोटे होते हैं एवं इनकी संरचना इस प्रकार की होती है कि समुद्री मकड़ी के पैर ही पैर दिखाई देते हैं, शरीर दिखाई ही नहीं देता। समुद्री मकड़ी का पेट इसके पैरों में होता है। समुद्री मकड़ी के भोजन करने का ढंग बड़ा अद्भुत होता है। इसके भोजन और भोजन करने के ढंग में पर्याप्त विविधता पायी जाती है। कुछ समुद्री मकड़ियां समुद्री काई के बहुत छोटे-छोटे कण खाती हैं, किंतु अधिकांश समुद्री मकड़ियां मांसाहारी होती हैं और समुद्री स्पंज, समुद्री फर, समुद्री देवदारू, समुद्री कुकम्बर, मूंगे के निम्न जीव तथा जैली फिश को अपना आहार बनाती हैं।
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