स्वतंत्रता संग्राम की गाथा पंजाब के योगदान बिना अधूरी

मेरे प्यारे पंजाबवासियो
 

आप सभी को भारत की स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
आज का यह पावन दिवस प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व, आभार, आत्मचिंतन और नए संकल्प का अवसर है। आज जब हमारा प्यारा तिरंगा पूरे गौरव के साथ आकाश में लहरा रहा है, तब हमारे हृदय में उन असंख्य ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति श्रद्धा उमड़ती है, जिन्होंने भारत माता की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
मैं उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूंए जिनके त्याग और बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जी रहे हैं।
मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक सहित उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं, जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
मैं हमारी सशस्त्र सेनाओं, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के उन वीर जवानों को भी नमन करता हूं, जो देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा के लिए दिन-रात समर्पित हैं। विशेष रूप से मैं उन वीर परिवारों के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्रियजनों का बलिदान दिया है। इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘आज़ादी का सम्मान और स्वर्णिम भविष्य का निर्माणश्’  है। इसका अर्थ है कि हम एक ओर अपने अमर शहीदों के महान बलिदानों को नमन करें, और दूसरी ओर उसी से प्रेरणा लेकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सशक्त एवं विकसित भारत की नींव रखें। भारत के स्वतंत्रता संग्राम की गाथा पंजाब के योगदान के बिना पूरी नहीं हो सकती। इस पवित्र धरती ने लाला लाजपत रायए शहीद-ए-आजम भगत सिंह, शहीद ऊधम सिंह, करतार सिंह सराभा और असंख्य ऐसे वीर सपूत दिए, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता को अपने जीवन से भी अधिक महत्व दिया।
गदर आंदोलन की क्रांतिकारी चेतना हो, जलियांवाला बाग का अमर बलिदान हो या आज़ादी की लड़ाई में पंजाब के गांवों और शहरों से उठी राष्ट्रभक्ति की आवाज़, इस धरती ने स्वतंत्रता के यज्ञ में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे उस पंजाब राज्य का राज्यपाल होने का गौरव प्राप्त हुआ है, जिस पंजाब की आत्मा में वीरता के साथ-साथ सेवाए परिश्रम और मानवता भी बसती है।
स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ पर हमें अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेते हुए वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर भी विचार करना चाहिए। मुझे प्रसन्नता है कि पंजाब आज विकास, सामाजिक न्याय, कृषि समृद्धि, गुणवत्तापूर्ण शिक्षाए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
वर्ष 2026 पंजाब की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण वर्ष बन रहा है। राज्य सरकार की ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के अंतर्गत अब तक 74 लाख 59 हजार महिलाओं का पंजीकरण किया गया है तथा 65 लाख 62 हजार महिलाओं को 2 हजार 274 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि जारी की जा चुकी है। राज्यभर में 1 हजार 90 आम आदमी क्लीनिक सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा महान संत श्री गुरु रविदास महाराज का 650वां प्रकाश पर्व भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है। 
हमारे पूर्वजों ने हमें स्वतंत्र भारत दिया। अब हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों को और अधिक मजबूत, समृद्ध, सुरक्षित, न्यायपूर्ण और विकसित भारत दें।
आइए, स्वतंत्रता दिवस पर हम केवल अपने तिरंगे को सलाम न करें, हम उन मूल्यों को भी सलाम करें जिनका यह प्रतीक है। हम अपने शहीदों के बलिदान को केवल याद न करें—अपने कर्मों से उनका सम्मान करें। हम विकसित भारत का केवल सपना न देखें, अपने-अपने क्षेत्र में उसे साकार करने के लिए आज से काम शुरू करें। इसी विश्वास और इसी संकल्प के साथ मैं आप सभी को स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ की पुन: हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। जय हिन्द! 

#स्वतंत्रता संग्राम की गाथा पंजाब के योगदान बिना अधूरी