रूस-यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरिया की बढ़ रही भागीदारी
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब केवल दो देशों के बीच सीमित संघर्ष नहीं रह गया है। यह युद्ध जितना लंबा खिंचता जा रहा है, उतना ही उसका अंतर्राष्ट्रीय चरित्र गहरा होता जा रहा है। अमरीका और यूरोप की ओर से यूक्रेन को हथियार तथा सैन्य सहायता मिलने के बीच रूस को उत्तर कोरिया से मिल रही सैन्य सहायता ने विश्व राजनीति के समीकरणों को नई दिशा दी है। विशेष चिंता इस बात को लेकर है कि उत्तर कोरिया अपनी सैन्य भागीदारी को और बढ़ा सकता है और बड़ी संख्या में सैनिक रूस भेज सकता है। रूस और उत्तर कोरिया दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं और यूक्रेन के विरुद्ध रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन परमाणु हथियार तैनात कर दिए हैं जिससे रूस यूक्रेन युद्ध का संकट और गहराने लगा है। हाल के दिनों में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस उत्तर कोरिया से बड़ी संख्या में सैनिकों की सहायता लेने की तैयारी कर रहा है। कुछ आकलनों में यह संख्या 30 से 50 हज़ार तक बताई गई है, सैनिकों तक की संभावित तैनाती की खबरों ने अंतर्राष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। हालांकि 50 हज़ार सैनिक भेजे जाने की संख्या को फिलहाल पुष्ट तथ्य के बजाय संभावित योजना या आकलन के रूप में देखना अधिक उचित होगा। रॉयटर्स के अनुसार अगस्त 2026 तक लगभग 14-15 हजार उत्तर कोरियाई सैनिकों की पहले की तैनाती की पुष्टि विभिन्न खुफिया आकलनों से हुई थी। युद्ध में उत्तर कोरिया का प्रवेश उत्तर कोरिया और रूस के संबंधों में निर्णायक परिवर्तन वर्ष 2024 में आया, जब दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी और पारस्परिक सहायता की संधि की। इसके बाद उत्तर कोरिया ने रूस को युद्ध सामग्री उपलब्ध करानी शुरू की और उसके सैनिक रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी सेना के विरुद्ध रूसी सैनिकों के साथ दिखाई दिए।
शुरुआत में रूस और उत्तर कोरिया दोनों ने सैनिकों की मौजूदगी पर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट जानकारी नहीं दी। लेकिन अप्रैल 2025 में दोनों देशों ने पहली बार स्वीकार किया कि उत्तर कोरियाई सैनिक रूस की ओर से युद्ध में शामिल हुए थे।
उत्तर कोरिया की भूमिका केवल सैनिक भेजने तक सीमित नहीं है। वह रूस को भारी मात्रा में गोला-बारूद, तोपखाने और बैलिस्टिक मिसाइलों की आपूर्ति करता रहा है। एक जांच के अनुसार उत्तर कोरिया ने रूस को लाखों तोपों के गोले उपलब्ध कराए हैं और कुछ समय में रूसी मोर्चे पर इस्तेमाल होने वाले गोला-बारूद में उत्तर कोरियाई आपूर्ति का हिस्सा अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। दक्षिण कोरिया ने भी उत्तर कोरिया द्वारा रूस को कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें, 170 मिमी स्वचालित तोपें और 240 मिमी रॉकेट लांचर उपलब्ध कराने का आकलन किया था। अगस्त 2026 में स्थिति और गंभीर दिखाई देती है। जानकारी के अनुसार उत्तर कोरिया की लगभग 90 कर्मियों वाली एक मिसाइल इकाई, 120 तक बैलिस्टिक मिसाइलों और छह लॉन्चरों के साथ रूस के वोरोनेझ क्षेत्र में तैनात की जा रही है। इनमें से कम से कम 40 मिसाइलों की आपूर्ति होने तथा कुछ के यूक्रेन पर हमलों में इस्तेमाल होने की रिपोर्ट है। यदि वास्तव में उत्तर कोरिया बड़ी संख्या में अतिरिक्त सैनिक रूस भेजता है तो इसका प्रभाव केवल सैनिकों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं होगा। इससे रूस को अपने सैनिकों को दूसरे मोर्चों पर पुन: व्यवस्थित करने की अतिरिक्त क्षमता मिल सकती है।
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