‘पंजाब से किया हर वादा निभाया’

आज, हमारे महान देश ने आज़ादी के 79 साल पूरे कर लिए हैं। इस अरसे के दौरान भारत अमन-शांति, सद्भावना, तरक्की और खुशहाली के प्रति अटूट विश्वास और दृढ़ वचनबद्धता के साथ विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के रूप में उभरा है।
इस पवित्र दिवस पर मैं पंजाब और देश-विदेश में बसने वाले समस्त पंजाबियों की ओर से देशवासियों को दिल की गहराइयों से मुबारकबाद देता हूं। मैं सबकी अच्छी सेहत, खुशहाली और रौशन भविष्य की कामना करता हूं। इस ऐतिहासिक दिन पर मैं भारत के राष्ट्रीय आज़ादी संघर्ष के उन जाने-अनजाने स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और देशभक्तों के आगे श्रद्धा और सम्मान के साथ सिर झुकाता हूंए जिन्होंने बहादुरी और साहस का प्रदर्शन करते हुए हमारे देश को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के जुए से मुक्त करवाने के लिए बड़ी कुर्बानियां दी। मार्च, 2022 में पद संभालने के बाद मेरी सरकार ने महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए हर संभव कदम उठाया हैए इस बारे में आपको अवगत करवाना चाहता हूं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने राष्ट्रीय नेताओं के सम्मान के रूप में लोगों से किया हरेक वादा पूरा किया है।
इतिहास के झरोखे से देखें तो आज़ादी की लहर में पंजाबियों की विलक्षण और बेमिसाल भूमिका को बार-बार दोहराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि अपनी जानें निछावर करने वाले या ब्रिटिश यातना का सामना करने वाले 80 प्रतिशत योद्धाओं और देशभक्तों ने उम्र कैद भुगती, फांसी की सजा काटी और अंडमान निकोबार की सैलूलर जेल में कालेपानी का संताप भी भोगा। इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि बहादुर पंजाबियों ने सदियों पुराने ब्रिटिश राज को खत्म करने के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। पंजाब के सपूत-भाई महाराज सिंह हमारी मातृभूमि को विदेशी साम्राज्यवाद से मुक्त करवाने के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले पहले शहीद थे। पंजाब के महान शहीदों, शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, लाला लाजपत राय, शहीद ऊधम सिंह, करतार सिंह सराभा, डा. दीवान सिंह कालेपानी, बाबा राम सिंह और अन्य अनेकों शहीदों ने आज़ादी हासिल करने के लिए अपने खून का एक-एक कतरा बहा दिया। भारतीय आज़ादी संघर्ष के दौरान कूका लहर, गदर लहर, बब्बर अकाली लहर, कामागाटामारू घटना, किसान आंदोलन के अलावा जलियांवाला बाग का साका, गुरुद्वारा सुधार लहर, जैतो का मोर्चा और परजा मंडल आंदोलन जैसी ऐतिहासिक लहरों का अमूल्य योगदान है। 
यह संघर्ष आज के दिवस पर हमारे देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करवाने में बहादुर पंजाबियों के साहस की याद दिलाता है। सत्ता संभालने के पहले दिन से ही हम पंजाब की शान बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और हम इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लोगों के साथ मिलकर तथा शहीद-ए-आजम भगत सिंह और बाबा साहेब डा. बी.आर.अंबेडकर के उद्देश्यों के साथ एकजुट होकर काम कर रहे हैं। 
मांवां-धीयां सत्कार योजना : हमारी सरकार ने अपनी तरह की यह पहली स्कीम शुरू की है, जिसके तहत पंजाब की 18 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाएं लाभ लेने की हकदार हैं। इस स्कीम के अधीन अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह और आम वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना  : लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है जो देश में अपनी तरह की पहली स्कीम है, जिसके अधीन पंजाब के हरेक परिवार को 10 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज मुहैया करवाया जा रहा है। 
श्री गुरु रविदास महाराज का 650वां प्रकाश पर्व : प्रदेश सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज का 650वां प्रकाश पर्व व्यापक स्तर पर पूरे श्रद्धापूर्वक ढंग से मना रही है। हम भाग्यशाली हैं कि हमें श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस और श्री गुरु रविदास जी महाराज का 650वां प्रकाश पर्व मनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। 
आम आदमी क्लीनिक : लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रदेश सरकार ने पंजाब भर में 1090 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं, जिन्होंने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति ला दी है। 
मुफ्त बिजली : प्रदेश सरकार ने 2022 में लोगों को मुफ्त बिजली देने की गारंटी दी थी और तब से लेकर अब तक राज्य के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जिनके बिजली बिल ‘जीरो’ आ रहे हैं। 
शिक्षा क्रांति : पंजाब सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ की शुरुआत की है, जिसके तहत सरकार 118 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को ‘स्कूल ऑफ  इमनेंस’में बदलने के लिए वचनबद्ध है।
नहरी पानी : जब मैंने पद संभाला था, उस समय राज्य में सिंचाई के लिए सिर्फ  21 प्रतिशत नहरे पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था। हालांकि, यह बड़े गर्व और तसल्ली की बात है कि आज सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत से अधिक नहरे पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। 
मैं समस्त पंजाबियों को आह्वान करता हूं कि वे पंजाब को फिर से खुशहाल और देश का अग्रणी राज्य बनाने के इस सफर में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लें।
-जय हिंद

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