लखनऊ में हुई स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक

लखनऊ, 28 अगस्त  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ज़मीन अधिग्रहण, टेंडरिंग, विभागीय तालमेल और अन्य स्तरों से जुड़े लंबित मुद्दों को तुरंत हल करें। साथ ही, जिन परियोजनाओं की प्रगति उम्मीद के मुताबिक नहीं है, उनकी नियमित समीक्षा करें और ज़िम्मेदारी तय करें।

लखनऊ में हुई स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ परियोजनाओं की घोषणा या मंजूरी तक सीमित नहीं है। हर काम तय समय में जमीन पर उतरना चाहिए और उसका लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, टेंडर, विभागों के बीच तालमेल या किसी अन्य स्तर पर अगर कोई काम अटका है तो उसे तुरंत दूर किया जाए। धीमी रफ्तार वाली परियोजनाओं की नियमित समीक्षा हो और लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।

एक्सप्रेसवे को विकास का नया कॉरिडोर बनाने पर जोर

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी विकास की बड़ी जरूरत है। एक्सप्रेसवे को सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने वाली सड़क के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इनके आसपास उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने की योजना होनी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिले। बैठक में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 6 अगस्त को टेंडर जारी हो चुका है और सितंबर में चयन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। वहीं फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 91.28 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80.43 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 84.82 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 79.27 प्रतिशत भूमि मिल चुकी है।
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