कैप्टन स्मित मच्छार को सलाम

कुछ दिन पहले हवाई यात्रा के दौरान जो घटना घटी, उसने दुनियाभर को चकित तो किया ही, झकझोर कर भी रख दिया है। आप कहीं किसी मकसद से हवाई यात्रा के लिए निकलते हैं तो अपनी सुरक्षा को लेकर बेखबर हो जाते हैं। किसी फिल्म में देखे हुए विमान अपहरण के मामले को आप याद भी नहीं करना चाहते। उसे अविश्वसनीय मान कर स्मृति पटल से हटा देना चाहते हैं, लेकिन घटना तो कभी भी घट ही जाती है।
कुछ दिन पहले तेल अबीब जा रहे फ्लाई दुबई के एक विमान में अचानक पैदा हुआ संकट एक अकल्पनीय त्रासदी में बदल सकता था यदि भारत मां के सपूत कैप्टन स्मित मच्छार अद्भुत साहस, दृढ़ता और मानसिक संतुलन से काम न लेते। एक समय में विमान इतनी तेजी से नीचे गिर रहा था कि वह 30 सैकेंड से भी कम समय में चौदह हज़ार से सत्रह हज़ार फुट नीचे आ रहा था। इस विमान में 173 यात्री थे। जिस रफ्तार से विमान नीचे गिर रहा था उन 173 विमान यात्रियों और चालक दल के 6 सदस्यों सहित दुर्घटनाग्रस्त होने में सिर्फ 30 सैकेंड ही लगने थे। लेकिन विमान के कमांडर और भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार के वीरतापूर्ण, असाधारण धैर्य और संकट के बीच अविलम्ब सही प्रतिक्रिया प्रकट करने की क्षमता ने विमान को मृत्यु से जीवन की तरफ धकेल दिया। अब भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, इज़रायल के बैंजामिन नेतन्याहू, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तक सभी इस धरती के सपूत का अभिनंदन कर रहे हैं।
दबाव बहुत था। बड़े-बड़ों की अक्ल ऐसे समय में घास चरने चली जाती है। उन्होंने तीन ऐसे कदम उठाये, जिनको देख कर पूरी दुनिया उन्हें सलाम कर रही है और उनकी हिम्मत की प्रशंसक हो रही है। उनके सह-पायलट ने उन पर हमला कर दिया था। उसकी नीयत खराब थी। हमला होने पर उन्होंने धैर्य नहीं खोया। पहले आपात्कालीन चेतावनी भेज दी। फिर विमान के हाईजैक होने का संकेत देने वाला टकवाड कोड प्रसारित कर दिया। यह बहुत अर्थपूर्ण था। चोट लगने के कारण बहुत समय तक खून बहने के बावजूद यह नायक कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में सफल रहे। यह एक निर्णायक कदम था। इससे केबिन में मौजूद लगभग सभी यात्रियों को संकटकालीन अवस्था का पता चल गया था और वे कॉकपिट में घुस गए। उन्हों हमलावर को काबू में किया और कैप्टन स्मिथ को प्राथमिक उपचार दिया। भारत के प्रधानमंत्री ने जब उनसे बात की तो इस वीडियो काल में उन्होंने बताया कि विमान काफी तेजी से नीचे की तरफ जा रहा था और वह समझ रहे थे कि यात्रियों को बचाने के लिए बहुत कम समय उनके पास है।उस कातिलाना हरकत करने वाले सह-पायलट का पता चल गया है उसका नाम अल-हम्मामी है। वह चरमपंथी विचारों का व्यक्ति है। उसकी इस विचारधारा के कारण ओमान एयर ने उस पर उड़ान भरने पर रोक ल गा दी थी इसके बावजूद उसे फ्लाई दुबई में नौकरी पर रखा गया। ज़ाहिर है कि सुरक्षा संबंधी जांच-पड़ताल का पूरा ध्यान नहीं रखा गया। जोकि मानवीय दृष्टिकोण से बहुत ज़रूरी था। इस सह-पायलट ने स्मित पर क्रैश एक्स से हमला कर दिया था। यात्री विमानों में कॉकपिट में इसे अनिवार्य रूप से रखा जाता है। एक सुरक्षा उपकरण के रूप में। इसकी बनावट कुछ इस तरह होती है कि इसके धातु काटने वाले नुकीले हिस्सों की मदद से किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में विमान के जाम हो जाने पर एल्युमिनियम विमान के ढांचे और पैनलों को काटकर रास्ता बनाया जा सके। खूबी यह है कि यह बिजली की तारों को भी काट सकता है जिन तारों से करंट प्रवाहित हो रहा हो, लेकिन उस व्यक्ति ने अपने जुनून में इसी को हत्या का औजार बना लिया।

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