रेकी एक असरदार चिकित्सा प्रणाली


क्या होती है रेकी? रेकी एक जापानी शब्द है जिसमें ‘रे’ का अर्थ है सर्वव्यापी जीव ऊर्जा शक्ति ‘की’ का अर्थ है प्राण। इस तरह रेकी का अर्थ हुआ सर्वव्यापी जीवन-प्राण ऊर्जा शक्ति। रेकी विशेषज्ञ इस ऊर्जा को किसी भी व्यक्ति में प्रवाहित करने की क्षमता रखते हैं। कोई भी व्यक्ति कितना ही तनावग्रस्त, डिप्रेस्ड और थका हारा क्यों न हो, रेकी उसमें पहले जैसी ऊर्जा, उत्साह और स्फूर्ति ला सकती हैं। रेकी विशेषज्ञ शरीर के विभिन्न अंगों पर बारी-बारी से तीन तीन मिनट हथेली से स्पर्श देकर ऊर्जा प्रवाहित करते हैं। शरीर में जहां विकार होता है करीब आधे घंटे तक रेकी दी जाती हैं। रेकी से होने वाले लाभ:- रेकी से देह, मन और भावनाओं में संतुलन बैठता है। सोच से कन्फ्यूज़न दूर होने पर स्पष्टता आती है। स्टेऊस से भी रिलीफ मिलती है। इससे ध्यान इधर उधर भटकने के बजाय केंद्रित होकर किये जाने वाले कार्य पर टिक कर उसकी गुणवत्ता को बढ़ाता है। साइकोसोमेटिक बीमारियां अर्थात वे शारीरिक व्याधियां जिनका ओरिजन मन होता है, से भी मुक्ति मिलती है। आत्मविश्वास बढ़ने से जीवन के प्रति उत्साह बढ़ता है। सोच को सकारात्मक दिशा मिलने से मन शांत रहना सीख जाता है। दिमाग और शारीरिक संतुलन बना रहता है। मनोविकारों को दूर करने और समाज में समायोजन बनाये रखने में रेकी उपचार कारगर सिद्ध हुआ है। रेकी आर्ट आफ लिविंग के लिए है। यह नकारात्मकता दूर कर आपको एक सुलझा हुआ नेक इंसान बनाने में सहायक है। स्वस्थ मन-मस्तिक के लिए इस तिब्बती हीलिंग टेक्नीक को आज संसार भर में मान्यता मिलने लगी है। (स्वास्थ्य दर्पण)

-उषा जैन ‘शीरीं’