गोबिन्द सागर झील


इस बांध के बनाने के बाद जो झील बनी उसे श्री गुरु गोबिन्द जी के नाम पर गोबिन्द सागर का नाम प्रदान किया गया। यह झील 22000 वर्ग मील के क्षेत्र में फैली हुई है। इसका पानी का अधिकतम स्वर 1685 फीट हैं तथा पानी की क्षमता 78 लाख एकड़ फीट है। इसमें कई शहर डूब गये हैं। इसी तरह अभी तक जो पानी वर्षा ऋतु में बाढ़ का प्रकोप लाता है हुआ व्यर्थ बहता हुआ यह अरब सागर में जा मिलता था, अब उत्तरी भारत के राज्यों के उपयोग तथा कृषि के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। इस बांध के कारण ही आज पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान के लोग ही नहीं बल्कि सारे भारत वर्ष में समृद्धि की लहर दौड़ रही है।

— राम प्रकाश शर्मा