केन्द्र कश्मीर में हालात सामान्य करे


नई दिल्ली, 16 सितम्बर ( उपमा डागा पारथ ): उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र से कहा कि जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए सामान्य स्थिति चयनात्मक आधार पर बहाल करें। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ,न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे और न्यायमूर्ति एस. ए. नजीर की एक पीठ ने अधिकारियों से कहा कि घाटी में सामान्य जीवन बहाल करें और कल्याणकारी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करें। न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए चयनात्मक आधार पर प्रतिबंध हटाए जाएंगे। न्यायालय ने केन्द्र से कश्मीर में जल्द से जल्द स्थिति सामान्य करने के लिए हरसंभव कदम उठाने को भी कहा। उसने कहा कि घाटी में अगर तथा-कथित बंद है तो उससे जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय निपट सकता है। ‘कश्मीर टाइम्स’ की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन की ओर से जम्मू-कश्मीर में लगे संचार प्रतिबंधों को हटाने की मांग करने वाली याचिका पर न्यायालय ने ये निर्देश दिए। केन्द्र की ओर से पेश हुए अटार्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने पीठ से कहा कि एक गोली भी नहीं चलाई गई और कुछ स्थानीय प्रतिबंध लगे हैं। कश्मीर संभाग के 88 प्रतिशत से अधिक थाना क्षेत्रों से प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। उन्होंने पीठ से कहा कि कश्मीर स्थित सभी समाचार पत्र काम कर रहे हैं और सरकार हरसंभव मदद मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन जैसे टीवी चैनल और अन्य निजी चैनल, एफएम नेटवर्क काम कर रहे हैं। पीठ ने अटार्नी जनरल से कहा कि इस हलफनामे पर उठाए गए कदमों का विवरण दें।