हिमाचल का प्राचीन काली टिब्बा मंदिर 


हिमाचल प्रदेश को प्राचीन काल से ही देवभूमि के नाम से संबोधित किया गया है। यदि हम यह कहें कि हिमाचल देवी देवताओं का निवास स्थान है तो यह बिल्कुल  भी गलत नहीं होगा। महाभारत, पदमपुराण और कनिंघम जैसे धर्म ग्रन्थों में हमें हिमाचल का विवरण मिलता है।  इस सब से हम ये अनुमान लगा सकते हैं कि हिमाचल प्राचीन काल से ही देवी देवताओं का प्रिय स्थान रहा है।  सोलन जिले में चायल से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर एक खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बसा हुआ मंदिर है - काली का टिब्बा मंदिर। यह अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए विख्यात है। यह स्थान काली का टिब्बा मंदिर, चायल महल, सिद्व बाबा मन्दिर, एशिया का सबसे उंचाई पर बना क्रिकेट मैदान और पोलो के मैदान के साथ ही वन्यजीव अभ्यारण के लिए भी मशहूर है।  यह स्थान प्रदेश की राजधानी से 42 किलोमीटर की दूरी पर है। यह समुद्र से 2226 मीटर की उंचाई पर है। इस स्थान से प्राकृतिक सौंदर्य और मनोरम दृश्य देखने लायक है। यह मंदिर चायल से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से खड़े होकर कंडाघाट, सोलन, षिमला और सिरमौर नजर आते हैं। इस स्थान पर पांच मंदिर हैं, जिसमें मुख्य मंदिर काली माता का है जिसे लगभग 2002 में बनाया गया था। इससे पूर्व इस स्थान पर काली माता पिण्ड रूप में थीं, जोकि आज भी स्थित है। यहां पंचमुखी हनुमान मंदिर, गणेष प्रतिमा व शिव मंदिर भी हैं। यहां शिव मंदिर में अलग-अलग पाषाण और धातु के शिवलिंग हैं। मंदिर के चारों ओर हरियाली और शान्त वातावरण में बैठकर शान्ति मिलती है। इस मंदिर में सफेद संगमरमर का इस्तेमाल हुआ है। 

—जीवन धीमान
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