सोशल मीडिया पर कहीं अंधा भरोसा तो नहीं करतीं आप ?


तकनीकी एक दोधारी तलवार होती है। यह जहां कई काम आसान बनाती है, वहीं कई आसान कामों को जटिल बना देती है। पिछले कुछ सालों में अनगिनत अपराधों के अंतिम सिरे जाकर सोशल मीडिया में मिले हैं। ऐसा नहीं है कि सोशल मीडिया में सब कुछ खराब और नकारात्मक ही हो। यहां तमाम अच्छी बातें भी हो रही हैं, अच्छी मुलाकातें भी हो रही हैं, नये किस्म के रिश्ते भी बन रहे हैं। लेकिन इस सबके बावजूद सोशल मीडिया को ज़िंदगी का एक जरूरी हिस्सा बनाने पर लगातार सजग रहने की भी ज़रूरत होती है वरना कितने ही अच्छे उदाहरण क्यों न मौजूद हों, हमेशा दुष्चक्र में फंसने की आशंका बनी रहती है। क्या कहा आपके साथ ऐसा कुछ नहीं होगा? आइये परख लेते हैं-
1. आपके व्हाट्सअप में एक हैरान कर देने वाली खबर आई है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि आपने इस खबर को न तो अखबारों में पढ़ा है और न ही टेलीविजन चैनलों में देखा है। ऐसे में-
क- इस झकझोर देने वाली खबर की वास्तविकता का पता लगाये बिना ही इसे अपनी सहेलियों व रिश्तेदारों को फारवर्ड कर देंगी।
ख- खबर चाहे जितनी अचंभित करने वाली हो, एक बार यह जानने की कोशिश ज़रूर करेंगी कि आखिर इसकी असलियत क्या है?
ग- बस खबर पढ़ भर लेंगी, आगे उससे कोई नाता नहीं रखेंगी। न किसी को भेजेंगी।
2. आपके किसी रिश्तेदार का फोन आता है, आपको पता चलता है कि वो कई दिनों से बीमार हैं। आप उनसे हमदर्दी जताते हुए तुरंत गूगल सर्च करती हैं और-
क- अपने रिश्तेदार को उनकी बीमारी से संबंधित दर्जनों नुस्खों की बिना मांगे उन पर बौछार कर देती हैं।
ख- हालचाल जानने के बाद रिश्तेदार को सलाह देती हैं कि वह किसी अस्पताल में जाकर अच्छे डॉक्टर को दिखाएं।
ग- रिश्तेदार की बीमारियों से मुझे क्या लेना देना यह सोचकर एक कान से सुनती हैं दूसरे कान से निकाल देती हैं।
3. आपका छोटा बेटा आपसे किसी सवाल का जवाब पूछ रहा है, पर आप टीवी देखने में व्यस्त हैं ऐसे में-
क- उससे कहेंगी जा गूगल से देख ले।
ख- उससे कहेंगी अभी मेरे पास वक्त नहीं है।
ग- टीवी बंद करके उसे न सिर्फ  उसके सवाल का जवाब बल्कि उस संबंध में और भी कई बातें बता देंगी।
4. आपकी हाल ही में फेसबुक में किसी से दोस्ती हुई है, धीरे-धीरे आप दोनों के बीच कई पर्सनल बातों का भी आदान प्रदान हो गया है। जिससे अब दोस्ती गहरी मानी जाने लगी है। ऐसे में आपका फेसबुक दोस्त किसी दिन आपसे हकीकत में मुलाकात करने का इच्छुक है और स्पष्ट रूप से कहता है कि आप उसे अकेले और एकांत में ही मिलें ताकि दोनों को कोई परिचित न देख सके-
क- आप स्पष्ट कह देंगी कि मुझे ऐसी मुलाकातों में कोई दिलचस्पी नहीं हैं।
ख- टाल देंगी कि फिर कभी मिलते हैं।
ग- थोड़ी हैजिटेशन के बाद तैयार हो जाएंगी यह सोचकर कि दुनिया में हर कोई खराब थोड़े ही होता है।
5. सोशल मीडिया में कोई शख्स आपकी हर पोस्ट को लाइक करता है, उनकी बढ़-चढ़कर तारीफ  करता है, आप इस तारीफ से अभिभूत रहती हैं और कोई भी पोस्ट करने के पहले-
क- यह उम्मीद रखती हैं कि वह शख्स इसे ज़रूर देखे और पसंद करे।
ख- उसकी पसंद का अनुमान लगाकर वैसी ही पोस्ट डालने की कोशिश करती हैं।
ग- किसी का किसी भी किस्म से ध्यान किये बगैर ईमानदारी से जो लिखना चाहती हैं, वही लिखती हैं।
निष्कर्ष- अगर आपने इस प्रश्नोत्तरी के सभी प्रश्नों को ध्यान से पढ़ा है और इसके बाद अपने उत्तर के रूप उसी विकल्प पर सही का निशान लगाया है जो बिल्कुल आपकी सोच के अनुरूप है तो अब यह जानने के लिए तैयार हो जाइये कि आप पर सोशल मीडिया का कोई दुष्चक्र तो नहीं है।
क- यदि आपके कुल हासिल अंक अधिकतम 10 या इससे कम हैं तो आप खतरे की लाइन से सटी खड़ी हैं, भले लाइन के अंदर न हों लेकिन सोशल मीडिया का फंदा आपको कभी भी अपने लपेटे में ले सकता है। 
ख- यदि आपके कुल हासिल अंक 10 से ज्यादा मगर 15 या इससे कम हैं तो इसका मतलब यह है कि आप सोशल मीडिया के खतरों को पहचानती हैं, लेकिन बहुत छिपे खतरों को नहीं जानतीं। ऐसे में अगर कभी धोखा खा जाएं तो आश्चर्य नहीं।
ग- यदि आपके हासिल अंक 15 से ज्यादा हैं तो भले आप कितनी ही सोशल मीडिया फ्रैंडली हों, लेकिन इसके खतरों को भी भली भांति जानती हैं। 

-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर 
 -प्रस्तुति-पिंकी अरोड़ा