मलविन्दर व शिविन्दर अदालत की अवमानना के दोषी करार


नई दिल्ली, 15 नवम्बर (उपमा डागा पारथ) : सुप्रीम कोर्ट ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रोमोटर मालविंदर सिंह शिविंदर सिंह को जापानी कम्पनी दाईची सैंक्यो द्वारा दायर मामले में अदालत की मानहानि का दोषी माना है। हालांकि इस पर सज़ा का फैसला बाद में किया जाएगा। जापानी कम्पनी ने दोनों भाईयों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपनी हिस्सेदारी बिना अदालत की मंजूरी पर बेच दी। सुप्रीम कोर्ट  फोर्टिस हैल्थकेयर को भी अदालत की मानहानि का दोषी करार दिया। अदालत ने कहा कि दोनों भाई 1,175 करोड़ रुपए जमा करवाकर इन आरोपों से छुटकारा पा सकते हैं। दाईची ने 2008 में रैनबैक्सी खरीदी थी परंतु मालविंदर व शिविंदर ने रैनबैक्सी बारे रैगुलेटरी कमियों जैसी अहम जानकारी छुपाई थी जिस पर जापानी कम्पनी ने सिंगापुर ट्रिब्यूनल ने 2016 में दाईची के हक में फैसला करते हुए दोनों भाईयों को भुगतान के आदेश दिए थे। सिंह बंधुओं ने इस फैसले को भारत व सिंगापुर की अदालतों में चुनौती भी दी, परंतु कोई राहत नहीं मिली। 
मलविन्दर सिंह 18 तक ईडी की हिरासत में  : फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक मलविन्दर सिंह और रेलीगेयर इंटरप्राइजेज के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी को यहां एक अदालत ने 18 नवम्बर तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया। दोनों आरोपियों को एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने तिहाड़ जेल के अंदर हुई कार्यवाही के बाद प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया। दोनों अदालत ने हालांकि एजेंसी को निर्देश दिया कि वह सोमवार को उन्हें संबंधित अदालत में पेश करे।