कर्ज़ा माफी के बावजूद ‘डिफाल्टर किसानों’ की संख्या में 21 फीसदी वृद्धि


चंडीगढ़, 20 मई (विक्रमजीत सिंह मान): पंजाब में कांग्रेस की सरकार बने 2 वर्ष बीत चुके हैं और अपने चुनाव वायदे के अनुसार सरकार द्वारा प्रदेश के करज़ाई किसानों के लोन माफ करने के दावे भी किये जा रहे हैं। परन्तु यह बात सामने आई है कि पंजाब सरकार की कर्ज़ माफी योजना के बावजूद पिछले वर्ष के मुकाबले ‘डिफाल्टर किसानों’ की संख्या में 21 फीसदी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही डिफाल्टर राशि भी 31 मार्च 2018 से मार्च, 2019 तक 6681 करोड़ से बढ़कर 8394 करोड़ रुपए तक पहुंच गई बताई जा रही है जिसके चलते पंजाब मध्य बैंक किसानों को कर्ज़  देने से हाथ खिंचने लगे हैं। इस मामले में राज्य के बैंकों की मौजूदा हालत यह है कि राज्य सरकार द्वारा किसान कर्ज़ माफी योजना लागू किये जाने के बावजूद बैंकों से लोन ले चुके डिफाल्टर किसानों की गिनती में लगातार वृद्धि हो रही है। बैंक के अनुसार सरकार की कर्ज़ माफी योजना की शर्तें न पूरी करने वाले किसान भी बैंकों से लिए कर्ज़ की अदायगी नहीं कर रहे। इस बात का खुलासा हाल ही में यहां हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की समीक्षा बैठक में हुई है। इस बैठक में यह तथ्य भी सामने आए कि मौजूदा हालातों को ध्यान में  रखते हुए ही बैंकों ने अब किसानों को कज़र् देने से हाथ पीछे खिंचने शुरू कर दिये हैं, जिसके चलते गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष राज्य के बैंकों ने किसानों को कज़र् जारी करने की राशि में 5420 करोड़ रुपए की कमी की है।