‘आप’ द्वारा पंजाबी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं के प्रसार व सत्कार की वकालत


चंडीगढ़, 19 सितम्बर (अ.स.): आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने अपनी मातृ-भाषा पंजाबी सहित देश भर की क्षेत्रीय भाषाओं के पक्ष में डटते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘एक राष्ट्र-एक भाषा’ नारे को पूरी तरह से रद्द किया है। इसके साथ ही ‘हिन्दी दिवस’ मौके पर भाषा विभाग पटियाला में केन्द्रीय पंजाबी लेखक सभा के प्रधान डा. तेजवंत मान के साथ हुई अनावश्यक बदज़ुबानी व पंजाबी भाषा बारे हुई अपमानजनक टिप्पणियों पर अफसोस जताते हुए ‘आप’ ने इस तरह की ‘अबौद्धिक प्रवृति’ रखने वालों की निंदा की है। पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी के चेयरमैन व विधायक प्रिंसीपल बुद्ध राम, विरोधी गुट की उप नेता बीबी सर्बजीत कौर माणूके, दोआबा ज़ोन के प्रधान डा. रवजोत, बुद्धिजीवी विंग के प्रधान डा. कश्मीर सिंह सोहल, सचिव प्रो. भीम इंद्र व व्यापार विंग की प्रधान मैडम नीना मित्तल ने कहा कि नि:संदेह हिन्दी देश की सम्पर्क भाषा है, परन्तु इसको मातृ भाषा की कीमत पर थोपने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राष्ट्रीय भाषा होने के नाते आम आदमी पार्टी (पंजाब) हिन्दी का उसी शिद्दत से सम्मान करती है, जितना अपनी मीठी मातृ-भाषा पंजाबी को प्यार व इस पर गर्व करती है। प्रिंसीपल बुद्ध राम ने कहा कि भारत देश की खूबसूरती व खासियत इस देश की भाषाई, सभ्याचारक व क्षेत्रीय विभिन्नता के कारण ही है। यही विभिन्नता देश की ताकत व एकजुट प्रभु सत्ता का मान है। ‘आप’ नेताओं ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह सहित केन्द्र व अन्य प्रदेश सरकारों को क्षेत्रीय भाषाओं के प्रचार व प्रसार के लिए और अधिक संवेदनशील व गंभीर होने की मांग की है।