मक्की में मंदा : बाजरा सहित उड़द-चना-तुअर व काबली चना उछले


नई दिल्ली, 20 अक्तूबर (एजेंसी): गत सप्ताह मक्की की आवक एमपी, यूपी से बढ़ जाने से 70/75 रुपए प्रति क्विंटल का मंदा आ गया। वहीं बाजरे में स्टॉकिस्टों की लिवाली से 50 रुपए की तेजी आ गयी। इधर उड़द सप्ताह के मध्य में करेक्शन के बाद 200 रुपए फिर उछल गया। तुअर, चना भी 175/200 रुपए छलांग लगा गये। काबली चने में भी 200/300 रुपए की तेजी आ गयी। इस बार खरीफ सीजन में आने वाली सब्जियां व दलहनी फसलें एमपी, यूपी, राजस्थान व महाराष्ट्र में खराब हो गयी हैं। जिससे दालों में और तेजी का अंदेशा बन गया है।आलोच्य सप्ताह एमपी के जावरा, सिवनी, छिंदवाड़ा के साथ-साथ यूपी के राठ, औरय्या, जालौन, उरई, फरुखाबाद से नई मक्की की आवक बढ़ जाने से 70/75 रुपए टूटकर 2100/2110 रुपए हरियाणा, पंजाब पहुंच में व्यापार हो गया। यहां भी गोदाम से उट्ठू यूपी की जो मक्की 2150/2160 रुपए बिकी थी, उसके भाव 2075/2080 रुपए रह गये। वहीं बाजरा गोदामों में 1740/1750 रुपए यहां बिकने के बाद हरियाणा, पंजाब के स्टॉकिस्टों की लिवाली से 1800/1810 रुपए हो गया। मौलीबरवाला पहुंच में 1850 रुपए का व्यापार हो गया। अन्य स्टेशनों के लिए 1860 रुपए तक बाजरा बिकने की खबर थी। गौरतलब है कि बक्सर लाइन में ऊंचे भाव होने से इलाहाबाद लाइन से माल लगातार जा रहा है। दूसरी ओर राजस्थान में भी उत्पादक माल रोकने लगे हैं, जिससे बाजार उछल गया है। दलहनों में उड़द, घरेलू फसल पूरी तरह फेल हो जाने से सप्ताह के मध्य में 100 रुपए करेक्शन के बाद 200 रुपए उछलकर एफएक्यू 6600/6650 रुपए एवं एसक्यू 7550 रुपए बिक गया। दाल के भाव भी 200/400 रुपए क्वालिटीनुसार बढ़ गये। तुअर भी 200 रुपए छलांग लगाकर 5500/5550 रुपए लेमन बिक गयी। इसके अलावा मसूर घरेलू बिजाई एक महीना पिछड़ जाने के अंदेशा से देसी माल के भाव उत्पादक मंडियों में अनाप-शनाप बोलने लगे। वहीं कनाडा के पुराने माल 95 प्रतिशत समाप्त हो जाने एवं नई फसल में भारी पोल आ जाने से यहां 250 रुपए उछलकर कनाडा की 4450/4475 रुपए एवं बिल्टी में 4600 रुपए हो गयी।