भाकपा व माकपा में दरार, दोनों पार्टियों के सुर अलग-अलग


चंडीगढ़, 20 अप्रैल (एन.एस. परवाना): पंजाब में लोकसभा चुनावों को लेकर 2 वामदलों भाकपा व माकपा में दरार पड़ गई है। जहां मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने यह स्टैंड लिया है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी से बागी हुए सुखपाल सिंह खैहरा के नेतृत्व वाले पंजाबी जम्हूरी गठबंधन का वास्तविक रूप में कोई अस्तित्व नहीं यह तो गैर संवैधानिक गठबंधन है, जिसमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी भी अपने आपको शामिल समझती है, जिसने इस गठबंधन के समर्थन से 2 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। एक अमृतसर व दूसरा फिरोज़पुर क्षेत्र से। इस गठबंधन में लोक इंसाफ पार्टी भी शामिल है, जिसके कर्ता-धर्ता विधायक सिमरजीत सिंह बैंस हैं, जोकि ‘पंथक एजैंडे’ के अपने आपको संरक्षक कहते हैं। माकपा इनके साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ सकती। माकपा ने तो पंजाब में केवल श्री आनंदपुर साहिब के क्षेत्र से एक उम्मीदवार रघुनाथ सिंह को मैदान में उतारा है। उन्होंने दावा किया कि सैकुलर लाइनों पर खैहरा जम्हूरी गठबंधन जिसे वह तीसरा मोर्चा कहते हैं कायम नहीं कर सके परंतु इसके साथ ही उन्होंने कहा कि माकपा अकाली-भाजपा गठबंधन के उम्मीदवारों को हराने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा देगी। इस दौरान विश्वसनीय सूत्रों ने कहा है कि शिरोमणि अकाली दल टकसाली व आम आदमी पार्टी ने खैहरा द्वारा खडूर साहिब क्षेत्र से पीडीए उम्मीदवार के तौर पर घोषित की गई बीबी परमजीत कौर खालड़ा के लिए भी कई प्रकार की मुश्किलें पैदा कर दी हैं।