टूटे सपनों के साथ अमरीका से स्वदेश लौटे 150 भारतीय


नई दिल्ली, 20 नवम्बर (भाषा) : अमरीका में बेहतर जिंदगी पाने का सपना टूट जाने और अपनी बचत की बड़ी राशि गंवाने के बाद करीब 150 भारतीय बुधवार को स्वदेश लौट आए। वीज़ा नियमों के उल्लंघन करने या अवैध रूप से अमरीका में प्रवेश करने के आरोप में इन सभी को स्वदेश भेज दिया गया। हवाई अड्डा से एक के बाद एक निकलते इन लोगों के चेहरे पर उदासी छाई थी। कुछ ने कहा कि वे निरुत्साहित महसूस कर रहे हैं और उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि कई बार के प्रयास के बाद भी अमरीका में बेहतर जिंदगी का उनका सपना पूरा नहीं हो सका। पंजाब के बठिंडा से  जबरजंग सिंह (24) ने कहा कि यह चौथी बार है जब मुझे स्वदेश भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मैंने 15 मई को उड़ान भरी थी और मास्को एवं पैरिस होते हुए मैक्सिको पहुंचा था। वहां से 16 मई को मैंने कैलिफोर्निया जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने मुझे पकड़ लिया और एरिजोना से देश वापस भेज दिया। उसने बताया कि उसने चार बार के अपने प्रयास में 24 लाख रुपये खर्च किए और 40 लाख रुपए कानूनी सलाह पर खर्च हुए। स्वदेश लौटे लोगों में से एक और लक्षविंदर सिंह ने कहा कि उसने अमेरिका में प्रवेश में मदद के लिए अमृतसर-स्थित एक एजैंट को 25 लाख रुपये दिए थे। एजैंट ने उसे दो मई को मास्को और पेरिस होते हुए मैक्सिको भेजा। जब मैं सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था तभी उन्होंने मुझे पकड़ लिया और अमरीका में एरिजोना से स्वदेश वापस भेज दिया। हवाई अड्डा के एक अधिकारी ने बताया कि इन लोगों को लेकर विशेष विमान सुबह 6 बजे दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल संख्या तीन पर पहुंचा। विमान बांग्लादेश होते हुए भारत पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि आव्रजन विभाग ने ज़रूरी कागजी काम पूरा किया और फिर एक-एक कर सभी 150 यात्री हवाई अड्डे से बाहर आए। इन सभी 150 भारतीयों ने या तो वीज़ा नियमों का उल्लंघन किया था या फिर उन्होंने अवैध तरीके से अमरीका में प्रवेश किया था। इससे पहले मैक्सिको आव्रजन अधिकारियों ने 18 अक्तूबर को एक महिला सहित 300 से ज्यादा भारतीयों को स्वदेश भेजा था, क्योंकि ये लोग अमरीका जाने के इरादे से अवैध तरीके से मैक्सिको में घुसे थे।