मुख्यमंत्री गैरहाज़िर, सरकार हुई ठप्प


चंडीगढ़, 22 नवम्बर (हरकवलजीत सिंह) : मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के लम्बी विदेशी छुट्टी पर होने के कारण सरकार का काम लगभग ठप्प हो गया है। राज्य सरकार के चंडीगढ़ स्थित प्रदेश सचिवालय व दूसरे कार्यालयों में छुट्टियों जैसा माहौल चल रहा है और अधिकतर अधिकारी कार्यालयों से गैरहाज़िर मिले रहे हैं। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुरेश कुमार भी पिछले कुछ समय से इंग्लैंड की एक यूनिवर्सिटी के निमंत्रण पर इंग्लैंड गए हुए हैं। राज्य सरकार जोकि इस समय बड़े वित्तीय संकट का समाना कर रही है और राज्य के खजानों में लगभग 4 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के बिल अदायगियां न होने के कारण रुके हुए हैं, जिनमें कर्मचारियों के मैडीकल बिल व सेवानिवृत्त होने वालों के सेवानिवृत्त फंड भी शामिल हैं। वित्त विभाग द्वारा 1 दिसम्बर को दिए जाने वाले वेतन का प्रबंध करने के लिए केन्द्र से रुके पैसे लेने व कज़र् आदि उठाए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जबकि राज्य सरकार पहले ही ओवर ड्राफ्ट में चल रही है, लेकिन राज्य की ऐसी वित्तीय स्थिति से निपटने के लिए मंत्रिमंडल स्तर पर कोई कार्रवाई सम्भव नहीं क्योंकि मुख्यमंत्री की गैरहाज़िरी में ऐसे अहम मुद्दों पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। राज्य के एक अधिकारी ने ‘अजीत समाचार’ के साथ बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश का राजस्व लगातार नीचे जाने का मुख्य कारण टैक्सों की प्राप्ति में राजनीतिक हस्तक्षेप है और विभागीय अधिकारियों द्वारा जहां कहीं भी टैक्स चोरी संबंधी कार्रवाई करने की कोशिश की जाती है मंत्रियों व विधायकों के दबाव से उसे ठप्प कर दिया जाता है। इस अधिकारी का कहना था कि मुख्यमंत्री स्तर से सख्त आदेश के बिना ऐसे हस्तक्षेप को रोकनो सम्भव नहीं और यदि ऐसा व्यवहार जारी रहा तो राज्य का राजस्व और भी नीचे जाएगा। अधिकारी का कहना था कि मुख्यमंत्री को इस उद्देश्य के लिए समय देना चाहिए ताकि राजनीतिक धक्केशाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार मुख्यमंत्री आज लंदन पहुंच जाएंगे जहां वह 29 नवम्बर तक रुकेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा पूंजी निवेश से संबंधित एक-दो कार्यक्रम आयोजित होंगे जबकि श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव से संबंधित भी एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके कुछ सरकारी अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ शामिल होने के लिए आज यहां से इंग्लैंड के लिए रवाना हो गए हैं। प्रोग्राम के अनुसार मुख्यमंत्री चंडीगढ़ 2 दिसम्बर सुबह लौटेंगे क्योंकि उनका दिल्ली में भी दो दिन  ठहरने का प्रोग्राम है। दिलचस्प बात यह है कि पंजाब सिविल सचिवालय में कामकाजों के लिए आने वाले लोगों की हाज़िरी भी न के बराबर हो गई है क्योंकि एक आम प्रभाव चल रहा है कि सिविल सचिवालय में अधिकतर अधिकारी उपलब्ध नहीं हो रहे लेकिन यदि कोई सचिवालय आ भी रहा है उनका कहना है कि ऐसी गैर संजीदा सरकार राज्य को शायद पहली बार ही मिली है, जिसमें पेश समस्याओं से निपटने संबंधी कोई दिलचस्पी ही नहीं है। राज्य में पिछले कुछ दिनों दौरान हुई घटनाएं जोकि राज्य के अमन-कानून के लिए एक बड़ा धब्बा हैं, संबंधी भी मुख्यमंत्री की गैरहाज़िरी महसूस की जा रही है क्योंकि उनके पास गृह विभाग का भी कार्यभार है।