बिश्नोई गैंग ने ली मन्ना को मारने की ज़िम्मेदारी


मलोट, 3 दिसम्बर (गुरमीत सिंह मक्कड़): गत शाम स्थानीयसकाई माल में जिम के बाहर हुए गैंगवार के बारे में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए एसएसपी ज़िला श्री मुक्तसर साहिब स. राजबचन सिंह संधू ने स्थानीय थाना सिटी में बताया कि नौजवान मनप्रीत सिंह मन्ना अपने एक साथी जैकी के साथ जब जिम में बाहर आया व अपनी कार में बैठने लगा तो उस पर हथियारों के साथ जानलेवा हमला किया गया, जिस में मनप्रीत सिंह मन्ना की मौत हो गई व उसका साथी जैकी खतरे से बाहर है, जिस के एक गोली टांग पर लगी है। पत्रकारों की तरफ से किसी ग्रुप की तरफ से इस घटना ज़िम्मेदारी लिए जाने के सवाल में उन्होने कहा कि इस बारे में अभी वह कुछ नहीं बता सकते, यह जांच उपरांत ही कुछ बताया जा सकता है। उन्होने कहा कि यह गैंगवार नहीं, हत्या ज़रूर हुई है व इसके पीछे कौन है, इस बारे में कहना अभी मुश्किल है। उन्होंने बताया कि मनप्रीत सिंह मन्ना को गैगस्टरों की लिस्ट में नहीं रखा गया था, परंतु इस के खिलाफ  लगभग 15 मामले पंजाब में दर्ज है व कुछ मामले बाहर के राज्यों में भी दर्ज है। पत्रकारों की तरफ से लारिस बिशनोई ग्रुप की तरफ से जिम्मेदारी के पूछे सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि पुलिस की तरफ  से हर पहलू पर जांच की जा रही है व इस गैंगवार में लगभग 15 फ ायर किये गए है। उधर दूसरी तरफ इस घटना के कुछ देर बाद लारिस बिश्नोई ग्रुप ने फेसबुक पर मनप्रीत सिंह मन्ना की हत्या की जिम्मेदारी ली है। जिम्मेदारी लेने वाला गैंगस्टर लारिस बिशनोई का शार्प शूटर राज कुमार उर्फ  राजू बसौदी, निवासी बसौदी, पानीपत का है, जिस पर पंजाब, हरियाणा, चंडीगड़, राजस्थान व दिल्ली में 20 कत्ल सहित लूट पाट, फि रौती तथा इरादा कत्ल के 50 मामले दर्ज है। राजू बसौदी पर हरियाणा पुलिस ने 1 लाख रुपए का इनाम रखा है व पुलिस रिकार्ड में इस पर लगभग 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं दूसरी ओर मन्ना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके सात गोलियां लगने की बात सामने आई जिसमें से तीन गोलियां उसकी छाती व शेष गोलियां दिमाग में लगी है। परंतु पूरी गोलियां तीन ही मिली हैं तथा बाकी छर्रें व गोलियों का चूरा मिला है व दिमाग में गोली लगने से उसकी मौत की पुष्टि हुई है।