बालिका को नशीला टीका लगा शारीरिक शोषण करने वाले को 20 वर्ष की कैद


होशियारपुर, 23 जनवरी (नरेन्द्र मोहन शर्मा): अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीलम अरोड़ा की अदालत ने स्कूल जा रही 10 वर्षीय बालिका को रास्तें में जबरन पकड़ कर उसे नशीले प्रभाव वाला टीका लगाने के बाद उसका शारीरिक शोषण करने वाले मामले की सुनवाई के बाद पाए गए दोषी को 20 साल की सजा व 25 हजार रूपये जुर्माना 354 बी के अधीन 7 साल की सजा 25 हजार रूपये जुर्माना, 328 के अधीन 10 साल की सजा 20 हजार रूपये जुर्माना, 506 के तहत सात साल की सजा पांच हजार रूपये जुर्माना, जुवनाईल जस्टिस 77 के तहत सात साल व पांच हजार रूपये जुर्माने के आदेश दिए। अदालत के आदेशों के मुताबिक सभी सजाए एक साथ चलेंगी। इस संबंधी जानकारी देते पीड़ित पक्ष की और से केस की पेरवाई करने वाले सरकारी वकील टीएस ग्रेवाल ने बताया कि 23 जनवरी 2019 को थाना तलवाड़ा में एक महिला ने पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज करवाई थी। उसने बताया था कि वो अपनी 10 वर्षीय बेटी को रोजाना स्कूल भेजने के बाद एक फैक्टरी में काम करने के चली जाती थी। उसने बताया कि गत कुछ दिनाें से उसकी बेटी गुमसुम रहती थी। जब उससे पुछा तो उसने बताया कि गांव हलेड़ का निवासी अजीत कुमार उर्फ जीता (35) पुत्र रजिंदर कुमार स्कूल जाते समय उसे रास्ते में घेरने के बाद खाई के पास स्थित एक कमरे में ले जाने के बाद उसे टीका लगा कर बेहोश कर देता था। इसके बाद आरोपी उसके साथ कथित तौर पर अश्लील हरकतें करता था। उसकी बेटी ने उसे बताया जब उसे होश आने पर आरोपी उसे धमकिया देता था कि इस संबंधी किसी को कुछ नहीं बताना है। पीड़ित मां ने बताया कि इसके बाद उसने घटना की सूचना गांव के सरपंच को दी। उसने बताया कि जिसके बाद उसने पुलिस के पास आकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने पहले शिकायत आने पर मामला दर्ज कर अरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पीड़ित बालिका की डॉक्टरी जांच करवाई गई तो रिपोर्ट आने के बाद जुर्म में बढ़ौतरी कर दी गई थी। माननीय अदालत ने केस की सुनवाई पूर्ण होने पाए गए दोषी उक्त सजा के आदेश दिए।