अंदर से स्ट्रांग होना ज्यादा ज़रूरी है


 


कभी-कभी यंगस्टर्स मसल्स बनाने के लिए गलत एक्सरसाइज का सहारा ले लेते हैं जो उन्हें स्ट्रांग बनाने के बजाए कमज़ोर बना देती है। इससे आप तनावग्रस्त हो जाते हैं। मसल्स बनाने हैं और अंदर से भी स्ट्रांग रहना है तो ट्रेनर की देख-रेख में एक्सरसाइज करें ताकि आप सही दिशा में चलें।
इसके साथ-साथ उचित खानपान का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।
कार्बोहाइड्रेट्स की उचित मात्रा अपने आहार में लें। कार्बोहाइड्रेडटस ग्लाइकोजन के तौर पर आपकी मसल्स में मौजूद रहता है। नेचुरल तरीके से कार्बोहाइड्रेट्स लें जिससे शरीर को ताकत मिलती रहे। फूड सप्लीमैंट्स के रूप में इसका सेवन न करें। कभी-कभी फूड सप्लीटमैंट्स से शरीर में प्राकृतिक टेस्टोस्टेरान कीकमी हो जाती है।
मसल्स बनाने के लिए ज़रूरत से अधिक एक्सरसाइज न करें। प्रतिदिन 45 मिनट की एक्सरसाइज काफी है। 45 मिनट से अधिक एक्सरसाइज करने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है जिससे शरीर की ताकत कम होती जाती है।
स्ट्रांग का अर्थ है शरीर के अंदर ज़रूरी ताकत होना। जैसे आप घंटों खड़े रह सकते हैं, सीढ़ियां आसानी से चढ़ उतर सकते हैं, ठीक पोस्चर का उपयोग कर सकते हैं आदि।
बॉडी को मजबूत बनाए रखने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
ेजब भी खड़े हों, दोनों पैरों पर बराबर वजन डालकर खड़े हों। इससे शरीर का पोस्चर सही रहेगा और आप अधिक समय तक खड़े रह सकेंगे।
ेजब भी सफर करें या आफिस में बैठ कर कई घंटे लगातार काम करें, ऐसे में थोड़े-थोड़े अंतराल बाद अपना पोस्चर बदलते रहें क्योंकि एक ही पोस्चर में बैठना मुश्किल होता है, सही पोस्चर में बैठना।
ेसीढ़ियां चढ़ते समय कभी भी एक-एक सीढ़ी छोड़कर न चढ़ें, न ही सीढ़ियां भाग-भाग कर चढ़ें। ऐसा करने से आपके घुटने और पैरों पर इसका प्रभाव अधिक पड़ेगा क्योंकि शरीर का सारा बोझ पैर और घुटनों पर होता है।
ेमहिलाओं को किचन में अधिक समय तक खड़े रहकर काम करना पड़ता है, उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि किचन की स्लैब की ऊंचाई आपके हिप जाइंट की ऊंचाई जितनी होनी चाहिए नहीं तो आपको कमर दर्द की शिकायत जल्दी उम्र में शुरू हो जाएगी।
ेयदि आप जिम जाते हैं या कोई और वर्कआऊट करते हैं तो अपने शरीर की क्षमता को ध्यान में रखें। ट्रेनर की निगरानी में आराम से करें। धीरे-धीरे शारीरिक क्षमता देखते हुए बढ़ाएं।
ेजब भी आप वर्कआऊट करना प्रारम्भ करें तो अपनी डाइट किसी डायटीशियन से तय करवाएं। अपने मन मुताबिक तय न करें इससे शरीर शिथिल पड़ सकता है।
ेलाइफ के प्रति अपना एटीट्यूड पाजिटिव रखें। सही सोच अच्छे स्वास्थ्य को बरकरार रखने में मदद करती है। बिना मतलब तनावग्रस्त न बनें।
ेमुस्कान को हमेशा होठों पर बना कर रखें। इससे आपका मन खुश रहेगा और काम करते समय थकान कम महसूस करेंगे।