भारतीय महिला टीम का लक्ष्य: आयरलैंड से बदला और फिर सैमीफाइनल


लंदन, 1 अगस्त (वार्ता) : अनुभवी फॉरवर्ड रानी की अगुवाई में भारतीय महिला हॉकी टीम ने महिला विश्वकप हॉकी टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में पहुंचकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है और अब उसका लक्ष्य गुरूवार को आयरलैंड से बदला चुकाकर सेमीफाइनल में पहुंचना रहेगा। भारत ने कल क्रॉस ओवर मैच में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुये इटली को 3-0 से हराया और क्वार्टरफाइनल में आयरलैंड से भिड़ने का अधिकार हासिल कर लिया। भारत और आयरलैंड टूर्नामेंट के पूल बी में थे जहां भारतीय टीम को ग्रुप चरण में आयरलैंड के हाथों 0-1 से हार झेलनी पड़ी थी। विश्व में 10वें नंबर की टीम भारत का 16वें नंबर की टीम आयरलैंड से क्वार्टरफाइनल में मुकाबला होने जा रहा है। भारत के पास शानदार मौका है कि वह आयरलैंड से उस हार का बदला चुकाये और साथ ही सेमीफाइनल में भी पहुंचे। सातवीं बार विश्वकप खेल रही भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 के विश्वकप में चौथा स्थान रहा है। मौजूदा भारतीय टीम में सिर्फ कप्तान रानी और दीपिका को ही विश्वकप में खेलने का अनुभव था जबकि बाकी खिलाड़ी पहली बार विश्वकप में खेल रही हैं। इसके बावजूद टीम ने करो या मरो के मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाया। भारतीय टीम ने तीन पूल मैचों में सिर्फ दो गोल किये थे लेकिन निर्णायक मुकाबले में भारतीय टीम ने तीन गोल दाग दिये। भारत की जीत में लालरेमसियामी, नेहा गोयल और वंदना कटारिया ने गोल किये। भारतीय जीत में सबसे अच्छी बात यह रही कि टीम ने मौके बनाये और मौकों को भुनाया भी। इस मैच में पेनल्टी कार्नर पर दो गोल करने से भारतीय खिलाड़यिं का निश्चित रूप से आत्मविश्वास बढ़ेगा। कप्तान रानी रामपाल और कोच शुअर्ड मरीने ने इस जीत पर खुशी जताई और साथ ही कहा कि टीम इस लय को क्वार्टरफाइनल में आयरलैंड के खिलाफ बरकरार रखेगी। आक्रमण के साथ साथ भारतीय टीम का डिफेंस भी मजबूत रहा। भारतीय खिलाड़यिं ने विश्व की 17वें नंबर की टीम इटली को गोल करने से रोके रखा।